“भार हैं तुम पर आने वाले कल का”

“भार हैं तुम पर आने वाले कल का”

बरसों से हर क़ोई युवा पीढ़ी को देश का आने वाला उज्जवल भविष्य कहता आया है,पर आज के दौर  में ऐसा कहना किस हद तक सहीं है…?

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 आज की युवा पीढी में 90 प्रतिशत ऐसे है जो अपना आने वाला कल अंधेर गलियों में धकेलते जा  रहे है,किसी को नशे की लत है तो किसी को प्यार का बुखार चढ़ा है| आज युवाओं में नशे की लत इस कदर हावी हो चुकी है,जिसने उनके शरीर को धीरे-धीरे खोखला कर बर्बादी की कगार पर ला छोड़ा है और वहीँ कुछ ऐसे प्यार के बुखार वाले युवा जो प्यार में इस कदर डूबे है कि अपनी शिक्षा और समय दोनों दांव पर लगा अपने उज्जवल भविष्य से खिलवाड़ कर रहे है तो कुछ दिल तुड़वाकर रो रहे हैं और बस यही नहीं कभी कभी तो कुछ युवा तनाव में आकर आत्महत्या जैसे क़दम उठाने में भी क़ोई संकोच नहीं करते।

जिन्दगी औरों के हिसाब से या दूसरे के लिए क्यों जी जाये, क्या तुम्हारे खुद के कोई सपने नहीं..?
वहीँ थोड़ी-सी मस्ती से शुरू हुई नशे की आदत कभी टेंशन को हटाने के लिए तो कभी मूड को रिफ्रेश करने के लिए ओर कुछ ही समय बाद ये बन जाती है आपकी ऐसी लत जो आप भी चाहते है बदलना पर करते कुछ नहीं| बस कल से नहीं बोलकर छोड़ जाते है ऐसे कल पर जो कभी किसी का आता नहीं| ओर दूसरी तरफ  हमारे ऐसी युवा पीढ़ी जो इश्क़ के बुखार में ऐसे बेहाल होए बैठे है कि कोई दवा असर ही नहीं करती चाहे आप इन्हें क्रोसिन ही क्यों न दे दो, इन्हें रिलीफ़ नहीं मिलता | ओर जो दिल तुड़वाकर बैठे है उनकी तो बस बात ही मत कीजिए जिंदगी से ऐसे देवदास बनकर बैठे है की मानो जो छोड़कर गया या गयी है उनके अलावा उन्हें कोई प्यार करता ही नहीं हो| कितने नासमझ हो जाते है  कुछ लोग इस वक़्त पर | अरे नासमझों वो जो तुम्हे 9 माह अपनी कोख मे लेकर हर पल बिना ये सोचे बिना ये जाने की तुम कैसे दिखते हो,लड़का हो य लड़की तुम्हे हर चीज़ से बचाकर रखती है तुम्हारे पैदा होने पर 20 हड्डियो के एक साथ टूट जाने का दर्द सेहती है उसे “माँ”  कहते है वो ये सब क्यों करती है क्योंकि वो तुमसे सबसे ज़्यादा प्यार करती है ओर तब से करती है जब से उसने तुम्हे देखा भी नहीं सिर्फ़ अपनी कोख़ में महसूस किया। तुम कुछ सालों,कुछ महीनों के रिश्ते के लिए भूल जाते हो उस माँ को जो कुछ भी सह सकती है सिर्फ़ तुम्हारी ख़ुशी के लिए लेकिन तुम जिंदगी से खफ़ा होकर सोचने लगते हो की जिंदगी मे कुछ बचा नहीं। पहले प्यार का मतलब तो जानों पहले ये तो जानों की सच्चा प्यार किसका है | आँखों से पट्टी हटाकर जिंदगी को खत्म होने से पहले उसे जी तो लो ढंग से खत्म तो उसने एक दिन खुद हो जाना है| अपने जीवन मे कुछ ऐसे लक्ष्य ऐसे सपने देखो जिन्हें पूरा करने की चाह तुम में ऐसे बस जाये की जिंदगी खुशनुमा लगनी शुरु हो जाये  | मेहनत करो ऐसी की जो जलते हो तुम्हारी कामयाबी से वो भी कहे “क्या फ़ितूर है कुछ बन जाने का”। हर सुबह जब उठो तो चेहरे पर मुस्कुराहट हो,जोश हो कुछ नया सीखने का एक नयी उमंग के साथ| जिंदगी एक बार मिलती है , हम पैदा भी एक बार होते है और मरते भी एक बार ही है तो फिर क्यों हम लक्ष्यहीन जिंदगी जीकर ख़ुद को बार-बार जिंदा लाश बनाकर मारते है।  कुछ कर गुज़रने का जोश रख ऐसा की खुदा भी तुझसे कहे –
 “कर्म तू करता जा साथ तेरे हूँ,
फल की फ़िक्र ना कर दूँगा इतना
              की तू भी कहेगा बस     
                      कर मेरे मालिक”

मिनाक्षी ठाकुर
बी.ए (मास कम्युनिकेशन)

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