डब्ल्यूआइसी इंडिया में बुक रीडिंग व नाटकीय मंचन

उर्दू साहित्य में ”द मिरर आॅफ ब्यूटी“ अधिक प्रशंसनीय उपन्यास

देहरादून, राजपूर रोड स्थित डब्ल्यूआइसी इंडिया में शमसूर रहमान फारूकी द्वारा रचित ”द मिरर आॅफ ब्यूटी“ उपन्यास की बुक रीडिंग कर चर्चा की गयी। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेwic3सर डाॅ.बरन फारूकी ने किया जो ज़ामिया मिलिया इस्लामिक यूनिवर्सिटी(नईदिल्ली) में अंग्रजी साहित्य की प्रोफेसर है

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इस मौके पर प्रतिष्ठित सरस्वती सम्मानित पुस्तक लेखक शमसूर रहमान फारूकी ने बताया कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि उनकी इस पुस्तक को तीन भाषाओं में लोगों ने पढ़ा व पसन्द भी किया। उन्होंने यह भी कहा कि आज उर्दू भाषा उन्हें अपनी ओर आकर्षित भी करती है,और उन्हें इस भाषा में पूर्ण रूचि है,लेकिन वह उर्दू भाषायी राज्यों से आज भी खुश नही है।उर्दू भाषा अपनी अलग पहचान बनाये हुए है,लेकिन उर्दू,हिन्दी और अंग्रजी के साथ प्रतिस्पर्धा नही कर सकती। इस पुस्तक के माध्यम से उन्होंने अपने जीवन की यादें उपस्थित लोगों के साथ बांटी।  

wic4डब्ल्यूआईसी इंडिया की प्रेजीडेंट नाजिया युसूफ इजुइद्दीन ने इस मौके पर कहा कि,साहित्य किसी व्यक्ति विशेष या किसी एक समुदाय के लिए नही है,यह अमूल्य कला है और सभी की विरासत है,यह एक ऐसी पुस्तक है जो लोगों के एक निश्चित समय बिंदु के प्रेम की भावना को दर्शाती है। उन्होंने अपने वक्तव्य में यह भी बताया कि,धीरे-धीरे कला और साहित्य के प्रति दून वासियों में रूचि बढ़ती जा रही है। डब्ल्यूआईसी इंडिया द्वारा आम जनमानस को पुस्तकों के प्रति जागरूक करने का यह एक प्रयास मात्र  है,जिसमें अब तक  काफ़ी हद तक सफलता भी प्राप्त हुयी है। एक सफल व्यक्ति के जीवन में पुस्तकों का अहम योगदान होता है,इसलिए साहित्य व पुस्तकों के प्रति रूचि बढ़ाने, दून वासियों के जीवन को समृद्ध करने व लोगों को पुस्तकों द्वारा जागरूक करने के लिए डब्ल्यूआईसी इंडिया इस तरह के कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित करवाता रहेगा। अन्त में उन्होंने शमसूर रहमान फारूकी द्वारा रचित ”द मिरर आॅफ ब्यूटी“ पुस्तक के लिए उनका आभार प्रकट किया।

इस मौके पर उपस्थित फाॅर्मर डायरेक्टर जनरल आॅफ पुलिस आलोक बी लाल ने कहा कि फारूकी साहब कई साहित्यिक लेखकों के लिए प्रेरणा के बहुत बड़े स्रोत हैं। उनकी पुस्तकों में वास्तविकता को बड़े ही आकर्षक रूप में पेश किया जाता है। मिरर आॅफ द ब्यूटी उनकी बेहतरीन पुस्तकों में से एक है। 

वहीँ आपको बता दें कि इस से पूर्व भी डब्ल्यूआईसी इंडिया की प्रेजीडेंट नाज़िया युसूफ इजुइद्दीन ने दून वासियों व आस-पास के क्षेत्र में साहित्य व पुस्तक प्रेमियों के लिए अप्रैल 2016 में डीसीएलएफ द्वारा एक नयी पहल की शुरूआत की थी। जिसमें आॅल इंडिया से 25 फिक्श्न व नाॅन फिक्श्न लेखक व कवियों ने शिरकत की थी,साथ ही 8 पब्लिशर्स द्वारा बुक फेयर का आयोजन भी किया गया था।

वहीँ इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए आज़ बुक रीडिंग के साथ ही देहरादून कम्युनिटी लिट्रेचर फैस्टिवल (डीसीएलएफ) 2017 के लिए पहला नाटकीय मंचन भी आयोजित किया गया।

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