विजय के सहारे केदार चढ़ेगा दिब्यांगों का विजय रथ

विजय के सहारे केदार चढ़ेगा दिब्यांगों का विजय रथ

डॉ विजय नौटियाल होंगे इस मिशन ” के प्रेरणा श्रोत

श्री केदारनाथ धाम पैदल यात्रा, साहसिक मिशन, दिव्यांगजन प्रेरणा 2017  नौटियाल कृत्रिम अंग कल्याण समिति देहरादून (उत्तरखण्ड) दिव्यांगजनों के उत्साहवर्धन के लिये विगत वर्षो की भांति 1 मई 2017 से 4 मई 2017 तक ’’दिव्यांगजन प्रेरणा 2017’’ का आयोजन करने जा रही है। इस साहसिक मिशन में गौरीकुण्ड से केदारनाथ धाम व वापसी कुल 42 कि0मी0 की पैदल यात्रा, दिव्यांगजनों के दल द्वारा कृत्रिम पांव की सहायता से सम्पन्न करवाई जायेगी। नौटियाल कृत्रिम अंग केन्द्र देहरादून के निदेशक व संस्था के अध्यक्ष, प्रोस्थैटिस्ट एवं आर्थोटिस्ट डा0 बी0के0 नौटियाल ने बताया कि दिव्यांगजनों के इस साहसिक मिशन का शुभारम्भ माननीय मुख्यमन्त्री उत्तराखण्ड त्रिवेन्द्र रावत जी के कर कमलों द्वारा किया जायेगा। माननीय मुख्यमन्त्री दिनांक 1 मई 2017 सुबह 8.30 बजे प्रातः मुख्यमंत्री आवास से हरी झण्डी दिखाकर यात्रा दल को गौरीकुण्ड के लिए रवाना करेंगे। समारोह में बी0जे0पी0 प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, मसूरी विधायक गणेश जोशी, रायपुर विधायक उमेश शर्मा  एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे। समारोह में सभी दिव्यांगजनों द्वारा अतिथियों को बेल वृक्ष रोपित करने के लिए भेंट किया जायेगा। यात्रा दल गौरीकुण्ड पहुंचकर केदारनाथ धाम के लिए 2 मई 2017 को कृत्रिम पावं की सहायता से पैदल साहसिक मिशन के लिए प्रस्थान करेंगे। 3 मई 2017 को केदारनाथ धाम के दर्शन कर व आर्शीवाद प्राप्त कर यह यात्रा दल वापस गौरीकुण्ड के लिए पैदल प्रस्थान करेगा। इस साहसिक मिशन में कृत्रिम पांव की सहायता से गौरीकुण्ड से केदारनाथ पद यात्रा करेंगे।
इस साहसिक मिशन में कृत्रिम पांव की सहायता से गौरीकुण्ड से केदारनाथ धाम (21 कि0मी0) व केदारनाथ धाम से वापस गौरीकुण्ड (21 कि0मी0) कुल 42 किमी0 की दुर्गम चढाई एवं उतरना शामिल है। डॉ नौटियालद्रवारा  पिछले तीन वर्षों से दिव्यांगजनों को एक्सपीटिशन करने का बीडा उठाया है। इससे पहले आर्थिक संसाधन जुटाकर डा0 नौटियाल कई दिव्यांगजनों को हेमकुण्ड व केदारनाथ के साहसिक मिशन पर ले जा चुके हैं। डा0 नौटियाल के अनुसार दिव्यांगजनों में भी एक्सपीडिशन की ललक हुआ करती है। लेकिन संसाधन के अभाव में वे यात्रा नही कर पाते हैं। दिव्यांगजनों के लिए इस साहसिक मिशन को इस वर्ष ’’दिव्यांगजन प्रेरणा 2017’’ नाम दिया गया है तथा इस मिशन की पंचलाईन ’’मानसिक दृढता से शारीरिक निशक्तता पर विजय’’ से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि यदि दिव्यांगजन मानिसक रूप से मजबूत होंगे तो वो ’’शारीरिक निशक्तता’’ को पीछे छोड सामान्य व्यक्ति से भी बेहतर करने की क्षमता रखते हैं।

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