अनुभवहीन सरकार के जन विरोधी निर्णय: नेगी

देहरादून। जन संधर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश की अनुभवहीन सरकार जन विरोधी निर्णय ले रही है और उनका कहना है कि एपीएल कार्डधारकों को राशन के बजाय डायरेक्ट (प्रत्यक्ष) सब्सिडी देने का निर्णय किया है, जिसका घोर विरोध किया जायेगा।
यहां ओल्ड सर्वे रोड स्थित एक होटल में पत्रकारों से बातचीत करतेहुए नेगी ने कहा कि सरकार को सोचना चाहिए कि अगर सरकार स्टेटपुल का धान व गेहूॅं नहीं खरीदेगी तो निश्चित तौर पर व्यापारियों को लूट का खुला लाईसेंस मिल जायेगा तथा वहीं गेहूॅं-धान (चावल) किसान को कौडिय़ों के भाव मजबूरी में बेचना पड़ेगा तथा सीजन समाप्त होते ही बाजार में गेहूॅं व चावल के दाम आसमान को छूने लगेंगे। इस नीति से किसान बर्बाद हो जायेगा। उनका कहना है कि वर्तमान में प्रदेश के हजारों राशन (गल्ले) की दुकानें संचालित हैं तथा अधिकांश शहरी क्षेत्र की दुकानों में एपीएल के कार्ड ही हैं तो इस परिस्थिति में हजारों राशन की दुकानें बंद हो जायेंगी तथा उनके सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो जायेगा। नेगी ने चिंता जताई है कि आज भी हजारों गरीब परिवारों के पास बीपीएल का कार्ड न होकर एपीएल का कार्ड है तथा कई परिवारों में मुखिया व्यसनी व नशाखोर हैं, चूंॅकि सब्सिडी मुखिया के खाते में आयेगी तो निश्चित तौर पर वह अपनी मौज मस्ती में व्यसन करेगा तथा परिवार दो वक्त की रोटी को मोहताज हो जायेगा। इसके साथ-साथ बाजार मूल्य एवं सब्सिडी वाला मूल्य भी कार्डधारकों की कमर तोड़ देगा। उन्होंने राज्यपाल से मांग कि है कि प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीति पर रोक लगाने का काम करे, तथा गैस सब्सिडी की तर्ज पर ही राशन की सब्सिडी जनता को दें, जिससे किसान, राशन डीलर तथा कार्डधारक का हित सुरक्षित रह सकें। उनका कहना है कि इस पर शीघ्र ही कार्यवाही न होने पर मोर्चा जनांदोलन करेगा। इस अवसर पर पत्रकार वार्ता में मोर्चा महासचिव आकाश पंवार, दिलबाग सिंह, ओपी राणा, भीम सिंह बिष्ट आदि थे।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

बारिश के बीच सरकार पर गरजे ग्राम प्रधान

Sat Sep 23 , 2017
देहरादून। प्रदेश प्रधान संगठन ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रदेश सरकार के खिलाफ बारिश के बीच प्रदर्शन करते हुए धरना दिया और कहा कि शीघ्र ही उनकी मांगों पर कार्यवाही नहीं की गई तो सडक़ों पर उतरकर जनांदोलन किया जायेगा। उनका कहना है कि एक अक्टूबर से आमरण […]
%d bloggers like this: