दिल्ली प्रदूषण पर आरोप-प्रत्यारोप के बदले जिम्मेदारी निभाएं केजरीवाल

दिल्ली प्रदूषण पर आरोप-प्रत्यारोप के बदले जिम्मेदारी निभाएं केजरीवाल

नई दिल्‍ली, स्‍मॉग ने पूरी दिल्‍ली को अपनी गिरफ़्त में ले लिया है। रिकॉर्डतोड़ प्रदूषण और जहरीली हवाओं  पर चिंता जाहिर करते हुए केंद्र सरकार ने इसे आपातकाल करार कर दिया है।

राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर रविवार को केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पर मामले में आरोप प्रत्यारोप करने की बजाए प्रदूषण कम करने की दिशा में काम करने को कहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की जिम्मेदारी बनती है और उसे इस जिम्मेदारी को निभाना चाहिए।

अपने एक बयान में माधव दवे ने कहा कि दिल्ली को केन्द्र की ओर से हर संभव सहायता दी जा रही है। उन्होंने केजरीवाल के एक बयान का भी खंडन किया है जिसमें केजरीवाल ने प्रदूषण के लिए  पड़ोसी राज्यों को ज़िम्मेदार ठहराया था और अनिल माधव दवे ने कहा कि दिल्ली का 80 प्रतिशत प्रदूषण दिल्ली की ही वजह से है, खासकर कूड़ा जलाने की वजह से।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे ने दिल्ली में प्रदूषण से उपजे हालात को आपातकाल करार दिया हैं। उन्होंने  इसे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों के लिए बेहद खतरनाक है। हमें इससे निपटने के लिए जल्द से जल्द कदम उठाने होंगे।

आपको बता दे कि दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने शनिवार शाम केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री ने मुख्य तौर पर पड़ोसी राज्यों में पराली जलाए जाने को प्रदूषण के लिए जिम्मेदार ठहराया था

अनिल माधव ने अपील की है कि दिल्ली के प्रदूषण को लेकर कोई भी राजनीतिक पार्टी आरोप-प्रत्यारोप का खेल ना खेले और इस समस्या से निपटने में सहयोग करे।

उन्होंने केजरीवाल के साथ ‘आपातकालीन उपायों’ पर चर्चा की, जिसमें धूल, प्रदूषण और फसल जलाने पर नियंत्रण के तरीके शामिल थे। टूटा 17 सालों का रिकॉर्ड दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में ये धुंध फैली हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक दीवाली के बाद बढ़े प्रदूषण की वजह से ये धुंध काफी खतरनाक हो गई है। वातावरण में प्रदूषण इतना ज्यादा है कि पिछले 17 सालों में सबसे अधिक बताया जा रहा है।

वहीँ केंद्र सरकार ने दिल्ली में प्रदूषण की घातक समस्या को देखते हुए सोमवार को दिल्ली और उसके पड़ोसी राज्यों (यूपी, हरियाणा और पंजाब) के पर्यावरण मंत्रियों की मीटिंग बुलाई है, ताकि इस समस्या से  निज़ात पाने के लिए तत्काल बेहतर क़दम उठाये जा सकें।

 

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