नहीं रही देश की बेटी सुषमा स्वराज

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3 घंटे भाजपा कार्यालय रहेगा पार्थिव शरीर,

अंतिम संस्कार लोधी रोड स्थित शवदाह गृह

पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुषमा स्वराज का पार्थिव शरीर भाजपा मुख्यालय में बुधवार को तीन घंटे के लिए रखा जाएगा, जहां पार्टी कार्यकर्ता और नेता उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

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भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेेपी नड्डा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अंतिम संस्कार लोधी रोड स्थित शवदाह गृह में किया जाएगा।

पूर्व विदेश मंत्री एवं भाजपा की वरिष्ठ नेता Sushma Swaraj  का मंगलवार रात निधन हो गया। वह 67 वर्ष की थीं। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के सूत्रों ने बताया कि स्वराज को रात करीब साढ़े नौ बजे यहां अस्पताल लाया गया और उन्हें सीधे आपातकालीन वॉर्ड में ले जाया गया। एम्स के चिकित्सकों ने बताया कि हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया। 

चिकित्सकों की टीम ने 70 से 80 मिनट तक स्वराज को कार्डियक अरेस्ट से निकालने की कोशिश की लेकिन उनकी जान नहीं बचा पाए। पूर्व विदेश मंत्री को रात के दस बजकर पचास मिनट पर मृत घोषित किया गया। 

नड्डा ने कहा कि Sushma Swaraj  के निधन से पूरा देश दुखी है। उन्होंने कहा, ”सुषमा जी अब हमारे साथ नहीं हैं, यह केवल बीजेपी के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए दुख की घड़ी है। उन्होंने हमें प्रेरित किया। उनका आखिरी ट्वीट बताता है कि वह देश की सेवा करने के लिए किस कदर भावनात्मक रूप से शामिल थीं।” 

 ”उनके पार्थिव शरीर को उनके घर पर रखा रखा जाएगा ताकि लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें। दिन के करीब 12 बजे उनके पार्थिव शरीर को बीजेपी मुख्यालय लाया जाएगा। तीन बजे उनके पार्थिव शरीर को लोधी रोड स्थित शवदाह गृह लाया जाएग जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।”

केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता नितिन गडकरी ने कहा कि पूर्व विदेश मंत्री ने पार्टी के विस्तार में अहम रोल निभाया था। गडकरी ने मीडिया से कहा, ”सुषमा जी का जाना मेरे, बीजेपी और देश के लिए व्यक्तिगत क्षति है। पार्टी की शुरुआत से लेकर, उन्होंने इसके विस्तार में अहम भूमिका निभाई। जब मैं बीजेपी अध्यक्ष था तब उन्होंने मुझे एक बड़ी बहन की तरह मार्गदर्शन दिया।”

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, ”मैं बहुत दुखी हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि सुषमा जी हमें इतनी जल्दी छोड़कर चली जाएंगी। तीन दशक तक वह मुझे बड़ी बहन की तरह प्यार करती रहीं और मुझे मार्गदर्शन देती रहीं। वह असाधारण व्यक्तित्व और प्रतिभा की धनी थीं, वह केयर करने वाली इंसान थीं।”




 

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