विपक्ष के हंगामे से राज्यसभा स्थगित….

नई दिल्ली-  राज्यसभा में अलग अलग मुद्दों पर अनेक दलों के सदस्यों ने राज्यसभा में हंगामा खड़ा कर दिया। हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक मंगलवार को शुरू होए के कुछ देर बाद ही दोपहर १२ बजे तक के लिए स्थगित कर दी । इस हंगामे की वजह से उच्च सदन में शून्यकाल ही नहीं हो पाया।
           सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति ने आवश्यक दस्तावेज पटल पर रखवाए। इसके बाद उन्होंने शून्यकाल शुरू करने का ऐलान किया। लेकिन इसी दौरान सभी विपक्षीय दलों के सदस्यों ने अपने मुद्दे उठाने शुरू कर दिए। सभी विपक्षीय दलों ने केंद्र सरकार से तमिलनाडु में डाकिया और अन्य पदों के लिए हुई डाक विभाग की परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की। सभी विपक्षियों ने कहा की ये परीक्षा एक नये शिरे से शुरू होनी चाहिएए जिश्में प्रश्न हिंदी इंग्लिश के साथ.साथ तमिल भाषा में भी पूछे जाने चाहिए। उच्च सदन में यह मुद्दा पिछले दिन भी शून्यकाल के दौरान उठाया गया था। सभापति ने डाक विभाग की परीक्षा रद्द कर रहे सभी विपक्षीय दलों के सदस्यों से कहा कि वे यह मुद्दा कल उठा चुके हैं। कांग्रेस सदस्य कर्नाटक का मुद्दा उठा रहे थे।
          सभापति ने हंगामा कर रहे सभी सदस्यों से शांत रहने और शून्यकाल को शान्तिपूर्ण रूप से चलने की अपील की। उन्होंने कहा कि सदस्य सरकार को अपनी मांग पर जवाब देने के लिए आदेश नहीं दे सकते।
नियमों में ऐसा नहीं कहा गया है। में आदेश नहीं दे सकताए ये उचित नहीं है। द्रमुक अन्नाद्रमुक के सदस्यों की मांग पर माकपा और भाकपा के सदस्यों ने भी उनका साथ दिया। कांग्रेस सदस्य कर्नाटक का मुद्दा उठाने का प्रयास लगातार करते रहे लिकं कुछ नतीजा नहीं निकल पाया। सभापति ने सभी सदस्यों से शून्यकाल चलने की अपील कीए लेकिन अपनी बात का असर ना होते देख उन्होंने बैठक को ग्यारह बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
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