वाणिज्य कर मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों की जारी रही अनिश्चितकालीन हड़ताल

वाणिज्य कर मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों की जारी रही अनिश्चितकालीन हड़ताल

देहरादून। उत्तराखंड वाणिज्य कर मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन ने अपनी लंबित मांगों के समाधान के लिए अपनी अनिश्चितकालीन हडताल को जारी रखते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर धरना दिया और कहा कि शीघ्र ही कार्यवाही न होने पर आंदोलन को तेज किया जायेगा। हडताल के चलते हुए कामकाज प्रभावित हो रहा है और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तराखंड वाणिज्य कर मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी के नेतृत्व में मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी कार्यालय परिसर में इकटठा हुए और वहां पर अनिश्चितकालीन हडताल को जारी रखते हुए प्रदर्शन कर धरना दिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से आंदोलन किया जा रहा है लेकिन उनकी मांगों पर अभी तक सरकार की ओर से किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई है जो चिंता का विषय है। उनका कहना है कि विभागीय हित में वाणिज्य कर विभाग में उत्तर प्रदेश के समय से लागू विभागीय नियमावली की भांति पृथक नियमावली लागू किये जाने की जरूरत है और इस पर शीघ्र ही कार्यवाही की जाये।
उनका कहना है कि वर्तमान में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, प्रधान सहायक, वरिष्ठ सहायक के पद रिक्त है जिसके कारण विभाग का कार्य प्रभावित हो रहा है और वाणिजय कर मुख्यालय द्वारा रिक्त पदों पर शीघ्र स्थानापन्न, तदर्थ पदोन्नति की जाये, लगातार मांग की जा रही है लेकिन कार्यवाही शून्य है। उनका कहना है कि विभागीय कम्रचारी अपने कार्य के अतिरिक्त अपने से उच्च स्तर के पदों पर भी कार्य कर रहे है जिससे उन पर कार्य का अतिरिक्त दवाब है यदि तदर्थ पदोन्नति से कर्मचारियों को कुछ लाभ मिलता है तो उनके कार्य के प्रति समर्पण एवं कार्य की गुणवत्ता पर भी अनुकूल प्रभाव पडेगा।
उनका कहना है कि एक एडिशनल कमिश्नर, कमिश्नर विशेष वेतनमान, चार ज्वाइंट कमिश्नर, 12 डिप्टी कमिश्नर, 21 असिस्टेंट कमिश्नर एवं 24 वाणिज्य कर अधिकारियों के अतिरिक्त पद स्वीकृत करते हुए नये कार्यालय सृजित किये गये, वर्तमान में उक्त नवसृजित कार्यालयों एवं वाणिज्य कर प्रशिक्षण संस्थान देहरादून हेतु लिपिक संवर्ग के अंतर्गत कोई अतिरिक्त पद, ढांचा स्वीकृत नहीं हुआ है। उनका कहना है कि इसके अतिरिक्त विभाग में 23 आहरण वितरण कार्यालयों के लिए भी कर्मचारियों के कोई पद स्वीकृत नहीं किये गये है।
उनका कहना है कि खंड कार्यालयों से संबंधित कार्य भी पूर्व में स्वीकृत लिपिक संवर्ग के कार्मिकों द्वारा ही किया जा रहा है जिस कारण तृतीय श्रेणी कार्मिकों पर अत्यधिक कार्यभार पड़ रहा है व राज्सव अर्जन करने में भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। किसी भी ग्रेड पे पर पदोन्नति की दशा में यदि उस ग्रेड पे पर मूल वेतन पदोन्नति उपरांत उसी ग्रेड पे पर सीधी भर्ती से नियुक्त होने वाले कार्मिकों को प्राप्त मूल वेतन से कम होता है तो उसे भी सीधी भर्ती से नियुक्त होने वाले कार्मिकों के समान कर दिया जाना न्यायोचित होगा। उनका कहना है कि वाणिज्य कर विभाग राज्य की कुल आय का लगभग 65 प्रतिशत राजस्व अर्जन करता है और शासन द्वारा निर्धारित आय के लक्ष्य को प्रापत करने के लिए विभागीय कर्मचारियों का अथक प्रयास रहता है और समस्त कर्मचारियों को मानदेय के रूप में एक माह के वेतन का साठ प्रतिशत मानदेय प्रतिवर्ष दिया जाये, उनकी मांगों पर शीघ्र ही ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा। इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, महामंत्री रघुवीर सिंह चैहान, कंुदन सिंह पांगती, ध्यान सिंह रावत, सी एम जोशी, अरविन्द जोशी, भानू प्रकाश रावत, जीवन बिष्ट, रविन्द्र सैनी, सुरेन्द्र सिंह रावत, विक्रम सिंह राणा, संजय उपाध्याय सहित अनेक कर्मचारी मौजूद थे।

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