Keyword is the key which surely drives traffic to the targeted post/content if hit perfectly

अग़र आपने कीवर्ड को समझ लिया, जान लिया तो फ़िर अंतरजाल की दुनियाँ आपको जानने पहचानने लगेगी

हिमांशु पैन्यूली

पाठकों यूँ तो यह पंक्तियाँ आपको सुनने में किसी डायलॉग से कम नहीं लग रही होंगी लेक़िन यहाँ keyword के बारे बतायी गयी जानकारी आपको इंटरनेट की दुनियाँ में एक मुक़ाम तक पहुँचा सकती है।
जी हाँ, पाठकों अग़र आप ब्लॉगर है या ख़ुद की वेबसाइट मेन्टेन/हैंडल करते है या ख़ुद के ब्लॉग/ वेबसाइट की शुरुवात करना चाहते है तो आप एक शब्द ‘keyword’ से रुहबरु होंगे या आपने ‘keyword’ के बारे में ज़रूर सुना होगा।

तो पाठकों आपके मन मे भी keyword को समझने के लिए उत्सुकता होगी कि यह keyword आख़िर किस बला का नाम है और सही keyword की मदद लेकर आप कैसे अपने ब्लॉग या वेबसाइट पर अपनी पोस्ट के माध्यम से गूगल सर्च इंजन पर सही रैंक पाकर अपनी वेबसाइट या ब्लॉग में ट्रैफिक बढ़ा सकते है।

तो पाठकों अगर आप भी कोई कंटेंट/जानकारी युक्त ब्लॉग, वेबसाइट चलाते है तो गौर करें हमारा आज का यह लेख आपके keyword को समझने के ज्ञान को बढ़ाएगा जो कि आपके काफ़ी काम आ सकता है।
तो चलिए पाठकों सबसे पहले आपको बताते है कि यह keyword आख़िर है क्या चीज़।

तो पाठकों आपके लिए इसे थोड़ा आसान कर के समझाने का प्रयास करते है। आप लोग आज अमूमन किसी भी जानकारी के लिए भिन्न-भिन्न इंटरनेट सर्च इंजन का इस्तेमाल करते है जैसे गूगल, याहू, बिंग इत्यादि तो उदाहरण के लिए जैसे आपको नरेंद्र मोदी के बारे में जानकारी चाहिए तो आप अपने मन मे उत्पन्न सवाल को सीधा सर्च इंजन पर टाइप कर प्राप्त कर लेते है जैसे “नरेंद्र मोदी की दिनचर्या”
और आपके सामने इस से संबंधित सभी रिजल्ट्स डिस्प्ले हो जाते है लेकिन यहाँ जो आपको सबसे टॉप पर लिंक प्राप्त होगा वह आपके द्वारा सर्च किये गए keyword से सबसे ज़्यादा मेल खाता होगा या उस लिंक पर मौजूद कंटेंट में वह keyword सटीक डेंसिटी में इस्तेमाल हुआ होता है।
तो पाठकों keyword की सरल परिभाषा हुई कि keyword क्या है तो यहां हम यह कह सकते है कि keyword एक विशेष phrase है या सही एवं सटीक शब्दों का
इस्तेमाल है जो बाकी इंटरनेट उपभोक्ता कोई जानकारी या पाठ्य सामग्री पढ़ने के लिए इंटरनेट पर खोजता है।
यह keyword आपका टाइटल और कंटेंट सब्जेक्ट में मौजूद होगा तभी आप इंटरनेट सर्च पर ख़ुद के कंटेंट को पहले पेज पर रैंक होता हुआ देख सकते है।
तो पाठकों उम्मीद है कि यह सरल भाषा मे keyword क्या है आपको कुछ अंदाज़ा जरूर मिला होगा।

तो पाठकों अब आपके मन मे यह सवाल होगा कि keyword कितने प्रकार के होते है.?

तो पाठकों आपके इस सवाल से भी हम भाषा को सरल बनाते हुए बताते है कि keyword के मुख्यतः 2/दो प्रकार है जो निम्नलिखित है

1: Short तrail Keyword/शार्ट ट्रेल कीवर्ड।

2: Long Trail Keyword/लांग ट्रेल कीवर्ड

पाठकों तो अब आपको इन दोनों ही keyword के प्रकार से अंदाज़ा लग रहा होगा कि शार्ट ट्रेल टाइप में “शार्ट” शब्द और लांग ट्रेल टाइप में “लांग” शब्द इनकी खुद ही विशेषता की ओर इशारा कर रहा है।
तो आइये आपको इनके कुछ उदाहरण सहित बताते चले दोनों को समझाने का सरल प्रयास

Short Trail Keyword/शार्ट ट्रेल कीवर्ड
यह keyword प्रकार बिल्कुल अपने नाम ही कि तरह शार्ट होते है मुख्यतः 1 से 3 शब्दों में शार्ट ट्रेल/Short Trail keyword पूर्ण होते है यह तो पूर्ण 3 शब्द होंगे या तो 3 से भी कम।

जैसे उदाहरण के तौर पर
Movie Tickets Online,

News Online,

Free Recharge online,
तो पाठकों आप ऊपर मौजूद उदाहरणों से समझ गए होंगे शार्ट ट्रेल कीवर्ड को जज करना। मुख्यतः यह प्रकार 1, 2 या ज्यादा से ज्यादा 3 शब्दों में सिमटे होते है।

अब बात करते है
Long Trail Keywords/ लांग ट्रेल कीवर्ड

तो पाठकों यह कीवर्ड प्रकार भी अपनी विशेषता अपने नाम मे ही छुपाये हुए है जैसे लांग/long trail
यह मौजूद कीवर्ड 3 से ज्यादा शब्दों के इस्तेमाल से बनता है उदाहरण के लिए कुछ निम्न keywords

1: how to create website in 15 min
2: how modi ji trying to protect maa ganga
3: how to earn money from facebook

पाठको यह ऊपर मौजूद उदाहरणों से आपको लांग ट्रेल कीवर्ड्स के बारे में समझ आया होगा

तो पाठकों अब keywords के इन दो प्रकार के को जानकर समझकर आपके मन मे यह सवाल आना भी लाज़मी है कि आप किस keyword प्रकार का इस्तेमाल करें।

तो पाठकों हम इस पर आपको long trail keyword को इस्तेमाल करने की सलाह देंगे जैसा कि आज अमूमन हर ब्लॉगर या डेटा जर्नलिस्ट करता है। हमेशा कोशिश करे कि आप लांग ट्रेल कीवर्ड पर ज्यादा काम करें इससे आपको शार्ट ट्रेल कीवर्ड को फायदा भी गूगल में रैंक कराने का फायदा मिलेगा। जब आप यह लांग ट्रेल कीवर्ड्स ट्राई करेंगे तो पाएंगे कि आपके कंटेंट में मौजूद शार्ट ट्रेल केवर्ड भी खुद ही रैंक होने शुरू हो जाएंगे।

तो पाठकों अब बात करेंगे के Keyword Density पर

यह शब्द भी अपनी विशेषता खुद में छुपाये हुए है जी हां पाठको

जैसा कि आपने पढ़ा होगा density मतलब हिंदी में घनत्व होता है
तो यहाँ भी आप keyword density को कीवर्ड घनत्व ही मान सकते है।

Keyword density को समझे

तो पाठकों अब आप कीवर्ड को यदि समझने लगे है तो आप कीवर्ड डेंसिटी को भी आसानी से समझ सकते है चलिए इसे भी हम आपके लिए कुछ सरल भाषा मे बताने का प्रयास करते है।
Keyword density जो term है वो आपको यह बताने में कारगर होती है कि आपके कंटेंट पर आपके द्वारा set/targeted keyword
कितनी दफ़ा मौजूद है यहां यह जान लेना भी जरूरी है कि आपके पूर्ण कंटेंट में कुल कितने शब्द है जैसे कि यदि आपने 100 शब्दों का कंटेंट लिखा है और उसमें आपका targeted keyword 5 बार रिपीट हो रहा है तो आपके उस कंटेंट की keyword density 5% होगी। ऐसे ही आप अपने किसी भी कंटेंट को कॉपी कर उसके शब्दों की गिनती के आधार पर अपने keyword की density को चेक कर सकते है।
यहां पर keyword density में एक और बात गौर करने वाली है कि करीब हर 100 शब्दों में keyword density 2% तक ही रहे यह आपको सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक 100 शब्दों में आप केवल 1% से 2% तक ही keyword set रखे नहीं तो सर्च इंजन की नज़र में ज्यादा density पाए जाने पर keyword stuffing समझा जाएगा और आपका कंटेंट सर्च इंजन पर प्रदर्शित ही नहीं होगा जिससे आपकी घंटो की मेहनत पर पानी फ़िर जाएगा।
इसलिए पाठको आप हमेशा कोशिश कीजियेगा की प्रत्येक 100 शब्दों में 2% से ज्यादा keyword density न बढ़ने दे और यदि आप अपने कंटेंट में keyword density को ध्यान रखते हुए अपने main keyword पर काम करेंगे तो आपके कंटेंट को सर्च इंजन पर रैंक होने से कोई नही रोक सकता।
http://www.pressmirchi.com/category/टेक्नोलॉजीगैजेट्स/

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