क़लम की धार से कैसे चीरें पाठकों की आँखों पर पड़े परदे 

 

अग़र आप में भी है लिखने का ज़ुनून या आप है पत्रकारिता शिक्षा के प्रशिक्षु,  ब्लॉगर या स्क्रिप्ट राइटर तो आज हम आपको बताएंगे कुछ ऐसी महत्वपूर्ण बातें जो की आपके लेखन कॅरियर में करेंगी आपकी मदद 

 ख़बर या आर्टिकल का मुख्य आकर्षण होता है उसका स्लग/शीर्षक जिसे सामान्य भाषा में हैडलाइन भी कहते है, यदि आपकी लिखी हैडलाइन ऑय कैचिंग नहीं है तो आपके पुरे लेख पर इसका असर पड़ता है।  आज़ अमूमन हर पाठक वही सामग्री पढता है जिसकी हैडलाइन उसे अपनी ओर आकर्षित करने में सक्षम हो। 

तो चलिए आज इस लेख के द्वारा हम आपको बताते है कि कैसे करें अपनी क़लम की धार को तेज़ जो पाठकों की आँखों पर पड़े परदे  चीरने में सक्षम हो 

कैसे बनाएं आकर्षक हेडलाइन

 आपने अक्सर ही देखा होगा या ख़ुद पाठक के तौर पर भी महसूस किया होगा कि किसी भी लेख़, ब्लॉग, आर्टिकल या समाचार को पढ़ने से पहले पाठक की नज़र हेडलाइन या शीर्षक पर जाती है। शीर्षक वह होता है, जो उक्त समाचार या आर्टिकल का सार हमें बता देता है। दूसरे शब्दों में, हेडलाइन समाचार का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है। कहने का आशय है कि आप हेडलाइन को देखकर उस समाचार के बारे में अनुमान लगा लेते हैं कि वह लेख़ या लेख़क किस बारे में बात कर रहा है। अगर शीर्षक या हेडलाइन आकर्षक होगी तो पाठक उस समाचार को पढ़ने के लिए उत्साहित होगा।अगर हेडलाइन अस्पष्ट , बोझिल या फ़ीकी होगी तो कोई भी उस समाचार को पढ़ने में रुचि नहीं दिखाएगा।

इसलिए लेख लिखते समय हेडलाइन कैसी हो, इस बात पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है।हालांकि तमाम लेखक इस बात से अंजान होते हैं और मेहनत से समाचार या आर्टिकल लिखने के बाद भी हेडलाइन को जल्दबाजी के चक्कर में अधूरा छोड़ देते हैं। लेकिन यहाँ यह जान लेना जरुरी हो जाता है कि आपके समाचार या लेख को लोकप्रिय बनाने में हेडलाइन की भी अहम भूमिका होती है।

आज हम आपको आकर्षक हेडलाइन बनाने के तरीके और सुझाव देंगे। उम्मीद है कि ये टिप्स आपको बेहतर हेडलाइन तैयार करने में मदद देंगे। तो दोस्तो, समय गंवाए बिना बात करते हैं, कैसे बनायी जा सकती हैं आकर्षक हेडलाइन।

आप भी टाइटइल में इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो पाठकों को जल्दी से अपनी ओर आकर्षित कर सकें। उदाहरण के लिए।

  • फ़नी

  • सरप्राइजिंग

  • सरल

  • जरुरी

  • मज़ेदार

  • तथ्य

  • विचार  

  • रहस्य

  • कारण

वैसे हेडलाइन बनाने का कोई ऐसा तरीका नहीं होता तो जो आपको एक दिन में परफेक्ट बना दे। यह सतत् अभ्यास से आता है, आप जितना अभ्यास करेंगे, आपका स्तर उतना प्रखर होता जाएगा। पर आप इस फार्मूले पर ध्यान दे सकते हैं, जो आपको आकर्षक हेडलाइन बनाने में मदद करेगा।

सरल फार्मूला- नंबर या ट्रिगर वर्ड+विशेषण+कीवर्ड+प्रॉमिस

  • ट्रिगर वर्ड- ट्रिगर वर्ड वह होता है, जो प्रक्रिया को शुरू करता है या कोर्स ऑफ एक्शन को बताता है।वह ऐसा शब्द होता है, जिसे सुनते हैं आपका ध्यान उस तरफ चला जाता है।

  • विशेषण- जो संज्ञा  या सर्वनाम की विशेषता बताता है।

  • कीवर्ड- ऐसा शब्द जो चाबी की तरह काम करता है।

हेडलाइन छोटी और स्पष्ट हो, इस बात का भी विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है।

इसके साथ ही नंबर या संख्या का इस्तेमाल कर भी हेडलाइन को आकर्षक बना सकते हैं।

उदाहरणः

दुनिया की 10 अद्भुत तस्वीरें।

दुनिया के 10 बेहतरीन एयरपोर्ट।

स्वस्थ बनने के 10 तरीके।

हेडलाइंस–

आकर्षक हेडलाइंस

देहरादून को मिले पंख, अब जॉलीग्रांट एयरपोर्ट से भर सकेंगे उड़ान

जानें जब नेता जी से पूछे 4 सवाल, हुई किरकिरी

रोज सिर्फ एक बादाम से बने बुद्धिमान, देखें कैसे

नकारात्मक शब्दों का इस्तेमाल कर सकते हैं-

यह हम सभी जानते हैं कि सकारात्मक चीज़ों की बजाय हमारा ध्यान नकारात्मक चीज़ों पर अधिक जल्दी जाता है। इसलिए आपने देखा होगा कई कंपनियां अपने विज्ञापन में कोई सकारात्मक बात बताने के लिए नकारात्मक शब्द का इस्तेमाल करते हैं।

उदाहरणः

  • सावधान,यहां जाना मना है।

  • शराब की लत से कैसे बचें।

  • ईमेल आईडी को हैक करने से कैसे बचाएं।

ध्यान दें-

हेडलाइन का सिर्फ आकर्षक बनना ही काफी नहीं होता, हेडलाइन सटीक होने के साथ-साथ सही भी होनी चाहिए। ऐसा न हो कि आपने आकर्षक बनाने की कोशिश में हेडलाइन में कोई ग़लती न कर दी। इस ग़लती से अर्थ का अनर्थ भी हो सकता है।ग़लती होने पर पाठक आपको गंभीरता से नहीं लेंगे। और दुबारा आपकी हेडलाइंस या तवज्जों नहीं देंगे। 

हेडलाइन लगाने से पहले इन बातों पर ध्यान देना चाहिए।

  • आर्टिकल अच्छी तरह पढ़ लिया हो या उसकी समझ हो

  • आपको हेडलाइन में लगने वाले शब्दों का अर्थ मालूम हो

हेडलाइन लगाने के बाद खुद को पाठक समझकर हेडलाइलन का आंकलन करें। आप देखें कि अगर आप पाठक होते आप उस समाचार को क्या शीर्षक देते।

दोस्तो, मुझे उम्मीद ही नहीं पूरा भरोसा है कि यदि आप इन बातों का ध्यान रखेंगे तो आपको इन बातों लाभ ज़रूर होगा। आने वाले समय में आप बिना किसी टेंशन के एक अच्छी और आकर्षक हेडलाइन लगा सकेंगे।

आर्टिकल या ख़बर लिखने से पहले कुछ ध्यान रखने वाली बातें 

 हम पहले ही आपको ऊपर आकर्षक हेडलाइन और छोटे बनाने के तरीके बता चुके हैं। उम्मीद करते हैं कि आपको हमारी बताई गयी बातों से लाभ मिलेगा। 

तो लीजिए अब बात करते हैं, लेख, समाचार या आर्टिकल लिखने से पहले और आर्टिकल लिखते समय कुछ विशेष ध्यान रखने वाली बातें का ।

कुछ टिप्स

  • सबसे पहले विषय या टॉपिक चुनें

  • अपने पाठकों की ज़रूरत या आवश्यकता पर ध्यान दें

  • रिसर्च करें

  • अपने लेख या समाचार के ड्राफ्ट में थोड़ा कसावट लाएं

  • लेख के बारे में थोड़ा और ब्यौरा या प्रारूप तैयार करें

  • पढ़ें, रिवाइज़ करें और दोहराएं

टॉपिक-

लेख लिखने से पहले आपको टॉपिक या विषय तैयार करना होगा।जिस विषय पर आपकी पकड़ अच्छी हो या आपकी रुचि जिस विषय पर हो उसके बारे में लिखने की सोचेंक्योंकि अपनी रुचि वाले विषय पर लिखेंगे तो आप बेहतर तरीके से लिख पाएंगे। यदि समाचार या सामान्य विषय पर लिख रहे हैं तो इस बारे में भी  पूर्ण जानकारी होनी चाहिए।

पाठक की जरूरत पर ध्यान दें-

यदि आपका टॉपिक तैयार हो गया है, तो फिर सोचें कि अगर आप पाठक होते तो कैसा होता ? इसके बाद अपने पाठक को ध्यान में रखते हुए कुछ शब्द सोचें, जिन्हें विस्तार दिया जा सकता है। एक पाठक होने के नाते आप किन सवालों के जवाब चाहते हैं ? हो सकता है कि आप इन प्रश्नों के उत्तर नहीं जानते होंगे। कोई बात नहीं, सवाल तैयार कर लीजिए। इनके जवाब आपको कुछ समय में मिल जाएंगे।

रिसर्च-

टॉपिक तैयार करने और पाठक की जरूरत को ध्यान देने के बाद लेख के बारे में रिसर्च करने का समय आता है। क्योंकि किसी भी विषय पर लिखने के लिए उसके बारे व्यापक जानकारी होनी चाहिए। इसके लिए निम्न बातों पर ध्यान दें।

  • आंकड़े

  • तथ्य

  • नामी-गिरामी लोगों के कथन

  • दूसरी मीडिया आदि के रेफरेंस(फ़िल्म, टीवी, रेडियो आदि)

लेख या आर्टिकल के ड्राफ्ट में कसावट-

अपने पाठकों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए यह सोचें कि आपने जो सामग्री तैयार की है, वह कितनी उपयोगी है। इसके साथ ही ग़ैर जरुरी चीजों को उसमें से हटा दें। इस तरह आपके लेख में कसावट आएगी।

लेख का ब्यौरा या प्रारूप-

आपको देखना होगा कि जो विषय आपने चुना है, क्या यह सामग्री उस विषय से मेल खाती है या नहीं। आंकड़े और तथ्य कितने सटीक हैं, इस पर भी ध्यान देना होगा।

पढें, रिवाइज़ करें और रिपीट करें-

सबसे अंत में आपको लेख को अच्छी तरह पढ़ना चाहिए, उसके बाद रिवाइज़ करते हुए देखें कि कहीं कोई ग़लती या कमी तो नहीं रह गयी। अगर ऐसा है तो उन कमियों को दूर करने की आवश्यकता है।

अब हम आपको बताते है कि कैसे बनाएं छोटे और आकर्षक वाक्य

जब आप लेख लिखते हैं तो आपका मकसद होता है कि पाठक इसे आसानी से समझे।पाठक को अपना मुरीद बनाने के लिए आपको लेख को आकर्षक बनाना होता है, साथ ही कोशिश करें कि वाक्य छोटे-छोटे हों। इसके लिए ख़बर के तथ्यों के अलावा वाक्यों की कसावट और शब्दों का चयन भी जरुरी होता है।भले ही आपके पास कितने मजबूत तथ्य क्यों न हो, लेकिन जब तक आप उसे सही ढंग से प्रस्तुत नहीं करेंगे। पाठक उसे समझ नहीं पाएगा। 

ध्यान दें कि, कोई भी वाक्य सिर्फ तथ्य लिखे जाने से ही प्रभावी नहीं होता है, इसमें तथ्यों के साथ-साथ भावना, कल्पना, तर्क और वादा होना चाहिए। जरूरी नहीं कि वाक्यों में बहुत कुछ कहा जाय, जरुरी यह है कि आप सभी बात सही तरीके से कहें। और भावनाओं का वाक्यों के साथ तालमेल हो।

आकर्षक वाक्य बनाने के लिए कुछ टिप्सः

  • कौन, कहां, क्यों, कब, कहां, कैसे, किसलिए और कौन आदि सवाल करते हुए तथ्य डालें। पुख्ता और सटीक बातों को लिखें।

  • लिखते समय अपनी कल्पना का इस्तेमाल करें।

  • इसके साथ ही आपको लिखते समय भावना(इमोशन) भी डालनी होगी।

  • वादा(प्रॉमिस)- आपको इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि आप अपने पाठक से क्या वादा कर रहे हैं ? पाठक को आपके वाक्य को पढ़ने से क्या लाभ होगा ?

  • अभ्यासः अंतिम टिप्स यह है कि आपको अभ्यास करना होगा। एक बार नहीं बार-बार। आप जितना

अब जानें क्या क्या ध्यान रखे वाक्य विन्यास और ढांचा तैय्यार करने के टिप्स 

लेख लिखते समय वाक्य विन्यास और ढांचे पर ध्यान देने की आवश्यकता होती है। लेखन के दौरान वाक्यों को सही ढंग से लिखना और उन्हें विस्तार देना भी जरुरी होता है। आप जिस बात या विषय को समझाना चाहते हैं, उसे अच्छे ढंग से लिखें। इसके साथ ही विराम चिन्ह का भी ध्यान रखें। वाक्य लंबे न हों, इस बात का ख्याल रखना चाहिए। कोशिश करें कि छोटे-छोटे वाक्य हों। जितने छोटे वाक्य होंगे आप उतनी ही आसानी से अपने पाठक को अपनी बात समझा पाएंगे।

लेकिन लिखते समय देखा जाता है कि हम लंबे-लंबे वाक्य बनाते हैं। लंबा वाक्य बन जाने की स्थिति में उसे तोड़ना होता है। तोड़ने के बाद उन दो वाक्यों को आपस में जोड़ने के लिए इनका इस्तेमाल कर सकते हैं। 
उदाहरण के लिए-

गौरतलब, यहां बता दें, जैसा कि हम जानते हैं, ध्यान रहे आदि।

पैराग्राफ़ को एक दूसरे से जोड़ें- एक पैराग्राफ़ लिखने के बाद उसका दूसरे पैरा से जुड़ाव होना चाहिए। यानी, अगर आपने पहले पैरा में एक विषय या मुद्दे के बारे में लिखा, अगले पैरा में उससे जुड़ी हुई बातें होनी चाहिए या उस बात को आगे ले जाने वाली बातें।

ऐसा न होने पर आपके लेख या आर्टिकल में भटकाव आ सकता है।

वाक्य विन्यास के अलावा, शब्दों के इस्तेमाल पर भी फ़ोकस करना चाहिए। आप जिन शब्‍दों का प्रयोग कर रहे हैं, वे आजकल की मीडिया आदि में प्रचलन में हों। शब्द सरल होने चाहिए, ताकि पाठक को पढ़ने और समझने में आसानी हो।

इसके साथ ही शब्दों की बार-बार पुनरावृत्ति से बचना चाहिए। ऐसा करने के लिए आपको तमाम शब्द आने चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर आप उन्हें अपने लेख में शामिल कर सकें।

इसलिए आपको अधिक से अधिक शब्द सीखने चाहिए, उसके बाद उन्हें वाक्यों में इस्तेमाल करना चाहिए।

 

 

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