धारा 370 पर लद्दाख के सांसद के भाषण पर जनता ऐसे प्रतिक्रिया देगी ये तो खुद सांसद ने भी ना सोचा होगा…

                        जमयांग शेरिंग नमग्याल लद्दाख से बीजेपी सांसद हैं। आर्टिकल 370 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन पर दिये गये उनके भाषण पर जनता ने ऐसी प्रतिक्रिया दी कि खुद सांसद को बड़ा झटका लगा है।
जमयांग शेरिंग नमग्याल लोकसभा में आर्टिकल 370 पर चल रही बहस में भाषण देकर रातो-रात इतने मशहूर हो गए कि उनको फेसबुक पर इतनी रिक्वेस्ट आईं जिसकी कोई सीमा न थी। आखिरकार उन्हें कहना पड़ा- और दोस्त नहीं बना सकता मैं अब फेसबुक पर।
               फेसबुक में दोस्तों की गिनती का एक कैप होता है, आप केवल 5,000 तक ही दोस्त बना सकते हैं। इसके बाद लोगों के पास आपको फॉलो करने का ऑप्शन होता है लेकिन आप फ्रेंड जोड़ नहीं सकते और यही जमयांग के साथ हुआ है। 7 अगस्त को उन्होंने डिस्क्लेमर देते हुए फेसबुक पर लिखा-

“मैं यहां पर अब और फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं कर सकता हूं, यहां 5,000 की फ्रेंड लिमिट होती है। मैं यहां अपने ऑफिशल पेज का लिंक दे रहा हूं, इसे लाइक कीजिए और मेरे साथ जुड़े रहिए।” 

                      जमयांग ने लोकसभा में लद्दाख का पक्ष रखते हुए काफी प्रभावी भाषण दिया था। उनका कहना था कि लद्दाख के पिछड़ेपन की वजह केवल कांग्रेस और आर्टिकल 370 हैं। यहां के लोग पिछले 70 सालों से केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा हासिल करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन इन्होंने इसके ऊपर अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और हाथ पर हाथ धरे बैठकर तमाशे का मजा लेते रहे। जमयांग जब भाषण दे रहे थे, तो उनकी पार्टी के लोग लगातार मेज थपथपा रहे थें। गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी तारीफ की।

                      जमयांग एक युवा सांसद हैं, उनकी उम्र 34 साल की है। साल 2012 में लेह के अंदर बीजेपी दफ्तर के केयरटेकर के तौर पर उन्होंने राजनीति में शुरुआत की थी। फिर लद्दाख की ही सीट से चुनाव जीतकर वे सांसद बने। अपने पॉलिटिकल सफर के बारे में बात करते हुए उन्होंने न्यूज एजेंसी को बताया-

“2012 में मैं जम्मू गया, वहां बीजेपी और उसकी विचारधारा से मेरा परिचय हुआ, फिर मैं लेह लौटकर आया और पार्टी ने मुझे लेह जिले के अपने दफ्तर का ऑफिस सेक्रटरी बना दिया, और फिर मुझे पार्टी का प्रवक्ता बनाया गया।”

                       लोकसभा में दिया गया जमयांग का भाषण बहुत से लोगों ने सुना तथा साथ ही सोशल मीडिया पर भी काफी शेयर किया। आर्टिकल 370 हटाए जाने और जम्मू-कश्मीर के बंटवारे का समर्थन कर रहे लोगों के बीच तो खासतौर पर इस वीडियो को साझा किया गया तथा सराहा गया।
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