वोट के लिए घास की टोकरी उठाई हरीश रावत ने।
हरीश रावत नैनीताल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। इन दिनों वो जनसंपर्क अभियान में जुटे हैं, चुनावी रैलियां कर रहे हैं। वैसे हरीश रावत का अंदाज उनकी आम और पहाड़ी फलों की पार्टियों में भी खूब दिखता रहा है, पर इस समय एक अलग अंदांज देखने को मिला है। पूर्व मुख्यमंत्री मतदाताओं को रिझाने की हर कोशिश कर रहे हैं। कल भी उनका ऐसा ही अलग अंदाज देख कर सब हैरान रह गए। हरीश रावत ने मौना, क्वारब, चोपड़ा, नैनीपुल में जनसंपर्क किया। साथ ही खैरना, गरमपानी, बेतालघाट, धनियाकोट, सिमलखा, रातीघाट में नुक्कड़ सभाओं को संबोधित किया। जनसंपर्क के दौरान हरीश रावत ने जब कुछ महिलाओं को घास की टोकरी लेकर जाते देखा तो वो महिलाओं के पास रुक गए।

महिलाओं से घास की टोकरी लेकर उन्होंने अपने सिर पर रख ली और टोकरी को लेकर चल पडें। उनका ये जुदा अंदाज उस वक्त भी दिखाई दिया था, जब गंगा-गन्ना यात्रा के बाद वो हरकी पैड़ी गए हुए थे। पूर्व मुख्यमंत्री ने हरकी पैड़ी के पास एक पूरी की दुकान पर पूरियां भी तली। उन्हें पूरियां तलते देख सब हैरान रह गए थे, वहां लोगों की भीड़ जुट गई। इस दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जमकर पूरियों का लुत्फ उठाया था। देहरादून में मुख्यमंत्री रहते हुये कई बार पान और भुट्टे खाते भी दिखे थे।

हाल ही में जब उन्होंने नैनीताल में रोड शो किया तो तल्लीताल बाजार में व्यापारियों को कैरम खेलता देख खुद को भी कैरम खेलने से रोक नहीं पाए। उन्होंने व्यापारियों के साथ कैरम भी खेला और जनसंपर्क भी किया। हरीश रावत जनता के दिलों तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं।
अपनेे चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कहा कि देश में भाजपा की नहीं, कांग्रेस की लहर चल रही है।

अपने जुदा अंदाजो से आम जनता को आकर्षित करते रहान उनकी आदत बन चुकी है और एैसे ही हमेशा चर्चाओं में रहते हैं हरीश रावत ! अब उनके यह अंदाज इस बार क्या असर करेंगे यह तो पता नहीं पर इस बार भी सुर्खियो फिर बटोर ली उन्होंने । हरीश रावत की कोशिशें जारी है, लेकिन उनकी मेहनत किस हद तक सफल हुई है इसका पता तो चुनाव के बाद ही चलेगा।

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