दुरस्त गाँव में आखरी सांसे ले रही शिक्षा व्यवस्था

दुरस्त गाँव में आखरी सांसे ले रही शिक्षा व्यवस्था

 

प्रदीप चौहान,उत्तरकाशी। एक ओर सरकार शिक्षा का उच्च स्तर बनाने के लाख दावे कर योजनाओं का अम्बार खड़ा कर रही है तो वहीँ आज भी दुरस्त गाँव में शिक्षा व्यवस्था आखरी सांसे ले रही है। जिले के नौगांव विकास खंड अंतर्गत बचाणगांव में प्राथमिक विद्यालय की स्थिति कुछ ऐसी ही है जहाँ आज भी छात्र मुलभुत सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं।
उत्तरकाशी के प्रखंड नौगांव अंतर्गत बचाणगांव के नानिहालों के लिए मानो प्रदेश में शिक्षा महकमे जैसी कुछ भी व्यवस्था नहीं है। एक ओर सरकार जहाँ शिक्षा का उच्च स्तर बनाने के लिए कई योजनाएं और कानून बना रही है तो वहीँ इस दुरस्त गांव में नानिहालों को आधुनिक शिक्षा सामग्री तो दूर की कौड़ी, लेकिन ब्लैकबोर्ड, टाटपट्टी, कुर्सी, मेज जैसी मुलभुत सुविधायें नहीं मिल पा रही हैं। हैरतंगेज बात यह भी है कि छात्रों को किताबें आधा शिक्षसत्र बीत जाने के बाद उपलब्ध होती है। देश का भविष्य कहे जाने वाले इन बच्चों के प्रति विभाग का रवैया कितना निराशा जनक है, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। ग्राम प्रधान सोबत सिंह बताते हैं कि इस प्राथमिक विद्यालय की स्थापना लगभग 1965 में हुई लेकिन तब से लेकर आजतक किसी नेता या अधिकारी ने इस विद्यालय की सुध लेने की जहमत नहीं समझी। उन्होंने कहा कि विद्यालय भवन पूर्णरूप से जीर्णक्षीर्ण अवस्था में है और बच्चों के बैठने की भी कोई व्यवस्था नहीं है। विभाग को कोई कई बार लिखने के बावजूद इस और कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यहाँ पढ़ने वाले 30 छात्रों के लिए जहाँ शिक्षा का अधिकार महज पोथी बनकर रह गया तो स्वच्छता के नाम पर स्वछ भारत अभियान शौचालय न होने के चलते विज्ञापन और चर्चा मात्र में सिमट कर रह गया है।
खंड शिक्षा अधिकारी आरबी सिंह ने कहा कि विद्यालय की स्थिति का मामला अभी संज्ञान में आया है, स्कूल का जायजा लेकर उच्च अधिकारीयों को रिपोर्ट भेजी जायेगी और आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

तेरे कण-कण मै हूँ

Sat Oct 29 , 2016
तेरे कण-कण मै हूँ        ईश्वर-एक ऐसी शाक्ति जिस पर हम अटूट विश्वास रखते है जिसे हमने अपने भावों और विचारों से बाहर निकालकर प्रतिमा का रूप देकर उसे पूजते है,उसके सामने अपनी मांगो को रखते है| उम्मीद करते है की वो उन्हें पूरा करे और इसके बदले […]
%d bloggers like this: