क्या आप जानते हैं जैसा आप खाने के बारे में सोचेगें वैसे ही होगी आपकी भूख

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खाने के शौकीन कई लोग होते हैं। कोई खाना जीने के लिये खाता है कोई खाने के लिये जीता है। कई बार तो ऐसा भी होता है कि लोग जरूरत से ज्यादा खाना खा लेते क्योंकि उन्हें पता ही नहीं चलता है कि उनका पेट भरा है या नहीं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है कि किसी का पेट जल्दी भर जाता है पर कई का नहीं।
हम आपको इसके पीछे की सहीं वजह बताने जा रहे हैं जिससे आपके कई भ्रम दूर होंगे। जैसे कि सामान्य इंसान सोचता है कि सभी की बनावट के तौर पर लोगों का खान-पान होता है। मतलब की अगर कोई मोटा है तो वह ज्यादा खाता होगा। लेकिन यह सच नहीं है।रोवेट इंस्टीट्यूट के रिसर्चर्स के द्वारा किये गये अध्ययन में सामने आया है कि लोग जैसा खाने को लेकर सोचते हैं वैसे ही उन्हें भूख लगती है। चाहे वे हल्का भोजन करें या हेवी अगर उन्हें लगता है कि ये भोजन उनके लिये पर्याप्त नहीं है तो वे और अधिक खाने लगते हैं।रिसर्चर ने बताया कि 26 लोगों पर एक एक्सपेरीमेंट किया गया। ये लोग वे थे जो ब्रेकफास्ट में दो या चार अंडों से बने ऑमलेट खाते थे। इस एक्सपेरीमेंट के दौरान इन लोगों को तीन अंडे से बना ऑमलेट दिया गया। इस एक्सपेरीमेंट में सामने आया कि जिस कंटेस्टेन्ट को लगा कि ये ऑमलेट छोटा था उनका पेट नहीं भरा वे 2 घंटे बाद फिर भूख से तिलमिलाने लगे। लेकिन जिन्हें लगा कि यह ब्रेकफास्ट पर्याप्त था उन्हें दोबारा भूख नहीं लगी।यह रिसर्च यही बताती है कि जैसा हम खाने के बारे में सोच रखते हैं वैसे ही हमे भूख लगती है और हम ज्यादा कैलोरी का इनटेक कर लेते हैं। इसमें किसी भी तरीके से व्यक्ति के शारीरिक संरचना का कोई रोल नहीं होता है।

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