मम्मी पापा, मेरी मैम से कहना ऐसी सजा किसी और को न दे’

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गोरखपुर। हरियाणा के गुरुग्राम के एक नामी स्कूल रेयान इंटरनेशनल स्कूल में बच्चे का कत्ल कर दिया गया है। बच्चे का शव स्कूल के टॉयलेट से मिला हैं, जहां उसकी गला रेतकर हत्या की गई। 7 साल का मासूम दूसरी क्लास का छात्र था। इस घटना के बाद सवाल उठने लगे कि आप अपने बच्चे को जिस स्कूल में भेजते है, वो कितना सुरक्षित है?
दरअसल स्कूल सीखने की जगह, जहां टीचर एक मार्गदर्शक का काम करता है, टीचर होमवर्क देता है ताकि पढ़ाई और बच्चों के बीच बंधी तार टूटे नहीं, लेकिन नतीजा, हमारे और आपके सामने है…कभी प्रद्युम्न ठाकुर तो कभी नवनीत….। शाहपुर के मोहनापुर निवासी रवि प्रकाश बापू इंटर कालेज पीपीगंज में शिक्षक हैं। उनका इकलौता 12 साल का नवनीत प्रकाश शाहपुर के सेंट एंथोनी स्कूल में पांचवी कक्षा में पढ़ता था। 15 सितंबर को उसने घर पर जहर खा लिया था। नवनीत को अस्पताल में भर्ती कराया गया…लेकिन बुधवार को उसने दम तोड़ दिया।
क्या हुआ था उस दिन
15 सितम्‍बर…उस दिन नवनीत के पिता बाहर गए थे। मां घर का सामान लाने बाजार गई थी। घर पर नवनीत अकेला था। मां जब बाजार से लौटी तो बेटे को देख थोड़ी देर के लिए ठिठक गई। बेटे के मुंह से झाग निकल रहा था, वो तड़प रहा था। मां की चीख सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और उसे पास के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। लेकिन इलाज के दौरान बुधवार की रात नवनीत ने दम तोड़ दिया।
नवनीत के कमरे से सुसाइड नोट मिला
घरवालों को नवनीत के कमरे से एक सुसाइड नोट मिला। सुसाइड नोट में नवनीत ने खुद की मौत के लिए सेंट एंथोनी स्कूल के क्लास टीचर को जिम्मेदार बताया। सुसाइड नोट मिलने के बाद घरवाले स्कूल पहुंचे और तोड़फोड़ की। इस बीच घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया। छात्र के पिता ने स्कूल प्रशासन व क्लास टीचर के खिलाफ तहरीर दी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
नवनीत ने सुसाइड नोट में क्या लिखा :
मम्मी पापा,
आज 15-9 -17 मेरा पहला एग्जाम था मेरी मैम क्लास टीचर ने मुझे 9.15 तक रुलाया, खड़ा रखा इसलिए क्योंकि वह चापलूसों की बात मानती उनकी किसी बात का विश्वास मत करिएगा, कल उन्होंने मुझे तीन पीरियड खड़ा रखा।
आज मैने सोच लिया है कि मैं मरने वाला हूं। मेरी आखिरी इच्छा मेरी मैम को किसी बच्चे को इतनी बड़ी सजा न देने को कहें।
पिता का स्कूल प्रबंधन पर आरोप
रवि प्रकाश का कहना है कि उनका बच्‍चा पढ़ने में काफी मेधावी था। उसकी क्‍लास टीचर अन्‍य बच्‍चों को घर पर ट्यूशन पढ़ाती थी। लेकिन रवि ट्यूशन नहीं पढ़ने के बावजूद अच्‍छे नंबर से पास हो जाता था। यह बात क्‍लास टीचर को नागवार गुजरी। उनका आरोप है कि इसके पहले भी टीचरों द्वारा उनके बच्‍चे को दलित होने के कारण प्रताड़ित किया जाता रहा है। उन्‍होंने इसकी शिकायत स्‍कूल प्रबंधन से भी की थी। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि उन्‍होंने स्‍कूल प्रबंधन और क्‍लास टीचर के खिलाफ एफआईआर करा दिया है। उन्‍हें विश्‍वास है कि दोषियों को सख्‍त से सख्‍त सजा मिलेगी।
एसपी सिटी ने क्या कहा :
एसपी सिटी विनय सिंह ने बताया कि शाहपुर थानाक्षेत्र के पादरी बाजार मोहनापुर के रहने वाले रवि प्रकाश ने तहरीर दी है। जिसमें उन्‍होंने आरोप लगाया है कि उनके 11 वर्षीय पुत्र नवनीत ने स्‍कूल प्रबंधन और क्‍लास टीचर की प्रताड़ना के कारण जहर खा लिया था। उन्‍होंने बताया कि कालेज प्रबंधन और क्‍लास टीचर के खिलाफ धारा 306 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद स्‍कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्‍होंने बताया कि क्‍लास टीचर का नाम पता नहीं चला है। सुसाइड नोट मिला है। यह जांच की जाएगी कि सुसाइड नोट बच्‍चे की हैंड राइटिंग में हैं कि नहीं है और क्‍लास टीचर का इसमें कितना दोष है।
स्कूल में बच्चे किसके भरोसे?
फिलहाल, नवनीत की मौत, गुरुग्राम में हुई प्रद्युम्न की मौत से बिल्कुल अलग हैं, लेकिन दोनों घटनाएं स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करती हैं। अभिभावक अपने जिस जिगर के टुकड़े को घंटो तक स्कूल प्रबंधन के भरोसे छोड़ देते हैं, वहां उनकी हत्या या आत्महत्या के लिए प्रेरित होना सिस्टम ही नहीं पूरी शिक्षा पद्धति पर सवाल खड़ा करती है।

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