निगम कर्मचारियों ने सरकार से मांगा सातवां वेतनमान

0

देहरादून। राज्य निगम, निकाय, जल संस्थान, वकास प्राधिकरण, जिला पंचायत, कर्मचारी महासंघ ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशे लागू किये जाने सहित अन्य समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न निगमों के कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी है और कहा कि 14 सितम्बर को गांधी पार्क में एक दिवसीय उपवास किया जायेगा। गांधी रोड स्थित एक होटल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए महासंघ के अध्यक्ष संतोष रावत ने कहा कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू किये जाने सहित अन्य समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न निगमों के कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ जनांदोलन को जारी रखा जायेगा। उनका कहना है कि 14 सितम्बर को गांधी पार्क में एक दिवसीय उपवास किया जायेगा। उनका कहना है कि इसके बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो 19 सितम्बर को संपूर्ण प्रदेश में एक दिवसीय कार्य बहिष्कार, हडताल एवं चक्का जाम किया जायेगा। उनका कहना है कि राज्य सरकार के संस्थानों यानी राज्य कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ प्रदान किया गया है और इस लाभ से निगमों को वंचित कर दिया गया है और निगमों को इसका लाभ नहीं दिया जा रहा है जो चिंता का विषय है। उनका कहना है कि शीघ्र ही निगमों को सातवें वेतन आयोग का लाभ एवं अन्य समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो इसके लिए जनांदोलन किया जायेगा।उनका कहना है कि पूर्व में कांग्रेस सरकार में भी आश्वासन दिये गये लेकिन उनकी इस मांग को गंभीरता से नहीं लिया गया है और तत्कालीन सरकार ने भी निगमों के साथ सौतेला व्यवहार किया है और अब प्रदेश में भाजपा की सरकार सत्तासीन है लेकिन वह भी सातवें वेतन आयोग का लाभ निगमों पर लागू नहीं कर पाई है जो चिंता का विषय है। उनका कहना है कि पूर्व में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत से वार्ता की गई और उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र ही इस लाभ को निगमों में लागु करने का भरोसा दिया था लेकिन आज तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है। उनका कहना है कि शीघ्र ही सातवें वेतन आयोग का लाभ निगम कर्मचारियों को प्रदान नहीं किया गया तो इसके लिए आंदोलन को तेज किया जायेगा। इस अवसर पर संतोष रावत, रवि पचौरी, गजेन्द्र कपिल, सुरेन्द्र सिंह, महेन्द्र सिंह, सोहन सिंह के साथ ही जिला पंचायत, एमडीडीए, जल संस्थान, जल निगम, नगर निगम, रोडवेज सहित सभी निगमों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.