कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए : मुख्यमंत्री

कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए : मुख्यमंत्री

 

देहरादून, मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य की पारम्परागत फसलों का समर्थन मूल्य शीघ्र तय कर इनके विपणन की कारगर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये है  बीजापुर हाउस में कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री श्री रावत ने परम्परागत फसलों के समर्थन मूल्य निर्धारण एवं इनके क्रय की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने मडुआ, सांवा, रामदाना, काला भट्ट, गहत व राजमा के क्रय के लिये स्वयं सहायता समूहों के अतिरिक्त निजि खरीददारों के लिये नीति भी शीघ्र तय करने को कहा। उन्होंने कहा कि सीधे किसानों से या कलस्तर के माध्यम से एक कुंतल या इससे अधिक मडुआ क्रय करने पर स्वयं सहायता समूहों व 05 कुंतल से अधिक क्रय के लिये निजि खरिददारों को बोनस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। इसी प्रकार रामदाना यदि 50 किलों से अधिक क्रय किया जायेगा तो इसके लिय भी बोनस की व्यवस्था की जाय। इस पर यदि 50 लाख की धनराशि भी सब्सिडी पर व्यय हो तो उसकी व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने कृषि उपकरणों के लिये क्रय हेतु भारत सरकार द्वारा दी जाने वाली 50 प्रतिशत सब्सिडी के अतिरिक्त 25 प्रतिशत सब्सिडी राज्य सरकार द्वारा जबकि शेष 25 प्रतिशत धनराशि को सहकारिता-सहभागिता योजना के तहत ऋण के रूप में किसानों को उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने बेमौसमी सब्जी उत्पादन के लिये भी बोनस की व्यवस्था पर बल दिया।मुख्यमंत्री श्री रावत ने दलहन व तिलहन के उत्पादन वृद्धि के लिये भी प्रभावी प्रयासों पर बल दिया तथा कृषि मंडियों में जैविक उत्पाद विंग स्थापित करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों के प्रमुख स्थलों में छोटी-बड़ी मंडी स्थापित करने तथा गांवों को प्रोडेक्शन सेंटर के रूप में विकसित करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों मेें बकरी पालक सोसाईटी के गठन के साथ ही बकरी पालन व पोल्ट्री फार्म को बढ़ावा देने के लिये भी अनुदान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य परम्परागत फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देकर गांवों की आर्थिकी को मजबूत करना है ताकि पलायन को रोकने में मदद मिल सके। उन्होंने कहा कि मडुआ के जितने भी कलस्टर अब तक बने है, उन्हें विभाग की बेवसाईट पर अपलोड किया जाय ताकि इसके विपणन की बेहतर व्यवस्था हो सके। उन्होंने इस संबंध में शीघ्र कृषि अधिकारियों की बैठक भी आयोजित करने के निर्देश दिये।

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