शिक्षा आचार्यों व अनुदेशकों ने आंखों में पट्टी बांधकर निकाली रैली

शिक्षा आचार्यों व अनुदेशकों ने आंखों में पट्टी बांधकर निकाली रैली

देहरादून। बंद उच्चीकृत ईजीएस, एआईई सेंटरों के 910 शिक्षा आचार्य, अनुदेशकों को शिक्षा मित्र के रूप में समायोजन किये जाने की मांग को लेकर शिक्षा आचार्य अनुदेशक संगठन का धरना आज 1585वें दिन भी जारी रहा। शिक्षा आचार्यों व अनुदेशकों ने सरकार के खिलाफ आंखों में काली पट्टी बांधकर रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज किया। उनका कहना है कि लगातार संघर्ष करने के बाद भी आज तक शासनादेश को जारी नहीं किया गया है जिससे उनमें रोष बना हुआ है।
यहां रायपुर पुराने बस अडडे स्थित धरना स्थल में एक सूत्रीय शिक्षा मित्र के रूप में समायोजन को शिक्षा आचार्यों व अनुदेशक इकटठा हुए और वहां पर अपने धरने व प्रदर्शन को जारी रखा और सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलापफ आंखों में काली पटटी बांधकर रैली निकाली। धरना स्थल से कनक चैक, परेड ग्राउंड से होते हुए वापस धरनास्थल पर पहंुचकर समाप्त हुआ। वक्ताओं ने कहा कि लगातार आश्वासन दिये जा रहे है लेकिन आज तक शासनादेश जारी नहीं किया गया है, जिससे रोष बना हुआ है। उनका कहना है कि वह आंदोलन को और तेज करेंगें। उनका कहना है कि लगातार संघर्ष करने के बाद भी आज तक समायोजन नहीं किया गया है। वक्ताओं ने कहा कि और पूर्व में प्रथम चरण में 1107 शिक्षा आचार्यो, अनुदेशकों को शिक्षा मित्र के रिक्त पदों पर वरिष्ठता के आधार पर नियमानुसार आरक्षण के प्रावधानों के अनुरूप समायोजन किये जाने की अनुमति प्रक्रिया के अनुसार किये जाने के निर्देश दिये गये थे जबकि वर्तमान में अवशेष शिक्षा आचार्य, अनुदेशकों का समायोजन नहीं हो पाया है जो चिंता का विषय है। वक्ताओं ने कहा कि स्नातक उपाधि हासिल कर चुके शिक्षा आचार्य, अनुदेशकों का शिक्षा मित्र में तत्काल समायोजन एवं वर्ष 2011-12 तक प्रदेश में बंद एवं उच्चीकृत हुए ईजीएस, एआईई सेंटर के आचार्य अनुदेशकों का भी शिक्षा मित्र में समायोजन तथा कुछ शिक्षा आचार्य अनुदेशक वर्ष 2001 से शिक्षा आचार्य के पद पर कार्य कर चुके है किन्ही कारणों से केन्द्र बंद किये गये लेकिन उनका समायोजन नहीं हो पाया है।
उनका कहना है कि लगातार पूर्व में सरकार ने आश्वासन मिलने के बाद भी आज तक उनकी मांगों का निदान नहीं किया गया है। शिक्षा आचार्यों ने कहा कि वर्ष 2008-09 में प्रदेश के कुछ जिलों में ईजीएस, एआईई सेंटर का संचालन किया गया और संचालित सेंटरों में कार्यरत शिक्षा आचार्य अनुदेशकों को भी ठीक उसी तर्ज पर सेवा से बर्खास्त किया जो पूर्व हुआ, निरंतर इसी प्रक्रिया के अधिकृत कार्यरत शिक्षा आचार्य अनुदेशक बेरोजगार हो गये। वर्ष 2011-12 में बद व उच्चीकृत एआईआई, ईजीएस सेंटर बंद हुए संबंधित शिक्षा आचार्य अनुदेशकों को भी शिक्षा मित्र के रूप में समयोजन करना न्याय संगत होगा लेकिन लंबे समय से आंदोलन करने के बाद भी उनकी समस्याओं का निदान नहीं हो पा रहा है, जिससे बेरोजगारों में रोष पैदा हो रहा है।
उनका कहना है कि उनकी मांगों पर कार्यवाही न होने से उनमें नाराजगी दिखाई दे रही है लेकिन आज तक उनकी मांगों पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई है। उनका कहना है कि वह सरकार के खिलापफ आंदोलन तेज करेंगे। वक्ताओं ने कहा कि शीघ्र ही उनकी समस्याओं का निदान नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जायेगा लेकिन अभी तक किसी ने भी उनकी सुध नहीं ली है जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि अब आर-पार की लडाई लडी जायेगी। इसके लिए रणनीति तैयार की जायेगी। उनका कहना है कि वर्ष 2008 से एक सूत्रीय समायोजन की मांग को लेकर आंदोलनरत है जिसमें 1745 शिक्षा आचार्य अनुदेशक राज्य परियोजना अधिकारी के आदेशानुसार शिक्षा आचार्यों की सेवा बर्खास्त एवं ईजीएस व एआईई सेंटर तत्काल प्रभाव से बंद होने का शासनादेश निर्गत हुआ था और प्रदेश में कार्यरत सभी शिक्षा आचार्य अनुदेशक बेरोजगार हो गये है। इस अवसर पर संगठन के अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह बिष्ट, पूर्ण सिंह राणा, प्रहलाद राम, खेम सिंह, लियाकत पफरजाना, वीर सिंह, लक्ष्मण सिंह, जावेद अली, विपिन शर्मा, महेश चन्द्र, सोमेन्द्र सिंह, मीनाक्षी, गुरमुख, विजय सिंह, रणजीत सिंह, दिनेश कुमार, शगीर अहमद, अलका, संजय सिंह आदि मौजूद थे।

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