ब्लैक लिस्ट होंगे घटिया चावल की सप्लाई करने वाले मिल मालिक

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DEHRADUN : घटिया चावल सप्लाई करने वाले राईस मिलर्स को सरकार अब ब्लेक लिस्ट करने की कवायद कर रही है, साथ ही स्टेट वियर हाउस कॉरपोरेशन के बरेली रोड स्थित मंडी और कमलुवागांजा स्थित दोनों गोदामों में रखा आरएफसी का करीब 134 करोड़ का 67,500 ङ्क्षक्वटल घटिया चावल हल्द्वानी और ऊधमसिंह नगर के करीब 60 राइस मिल मालिकों को वापस भेजने की प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है। इसके बदले मिल मालिक आरएफसी को अच्छी गुणवत्ता के नए चावल की सप्लाई करेंगे। चावल घोटाले के इस प्रकरण में शासन पहले ही आरएफसी के वरिष्ठ विपणन अधिकारी और विपणन निरीक्षक को निलंबित कर चुका है।
बताते चलें कि आरएफसी ने हल्द्वानी और ऊधमसिंह नगर के राइस मिल मालिकों से पिछले दिनों जिस चावल की खरीद की थी वह मानकों से कहीं अधिक टूटा और खराब क्वालिटी का निकला। इस मामले को लेकर काफी हो-हल्ला होने पर शासन ने आरएफसी के वरिष्ठ विपणन अधिकारी दिनेश कुमार और विपणन निरीक्षक विमल कुमार को निलंबित कर दिया था। इस मामले में क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक वीएस धानिक ने एजेंसी संवाददाता को बताया कि हल्द्वानी और ऊधमसिंह नगर के करीब 60 राइस मिल मालिकों से 67,500 ङ्क्षक्वटल चावल की खरीद की गई थी। इसकी कीमत 134 करोड़ रुपये है। करीब 450 ट्रक चावल स्टेट वियर हाउस के बरेली रोड स्थित मंडी और कमलुवागांजा स्थित गोदाम में रखा गया। अभी यह इन दोनों गोदामों में पड़ा है। आरएफसी धानिक ने बताया कि यह सारा चावल अब राइस मिल मालिकों को वापस किया जा रहा है। वह इसके बदले में अच्छी गुणवत्ता का इतना ही चावल आरएफसी को सौंपेंगे। सरकार की ओर से राइस मिल मालिकों को नोटिस भेज दिया है कि उनका चावल अच्छी गुणवत्ता का नहीं है। इसलिए वह खराब चावल के बदले में अच्छी गुणवत्ता का चावल तत्काल आरएफसी को भेजें। चावल शीघ्र ही मिलना शुरू हो जाएगा। नया अच्छी गुणवत्ता का चावल अल्मोड़ा और नैनीताल के जिला पूर्ति अधिकारियों को सप्लाई किया जाना है। वहां से यह चावल निर्धारित मात्र में सस्ता गल्ला विक्रेताओं के यहां भेजा जाएगा। आरएफसी धानिक ने कहा कि अब सस्ता गल्ला विक्रेताओं के जरिए राशन कार्डधारकों को अच्छी गुणवत्ता का चावल मिलेगा। इसके साथ ही सरकार द्वारा घटिया चावल की सप्लाई करने वाले मिलर्स को कालीसूची में डालने की कवायद भी शुरू कर दी है।
हालांकि सरकारी अधिकारियों का कहना है कि राइस मिल मालिकों द्वारा भेजे गए चावल की शत-प्रतिशत जांच न करने के कारण खराब और टूटा हुआ चावल स्टेट वियर कॉरपोरेशन के दो गोदामों तक पहुंचा। भविष्य में अधिकारी राइस मिल मालिकों द्वारा भेजे जाने वाले चावल की गुणवत्ता की बारीकी से परख करेंगे। चावल अच्छा होने पर ही लिया जाएगा।

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