आजम खान, समाजवादी पार्टी के जाने माने नेता हैं, लेकिन 25 जुलाई को अपने बेतुके बयानों की वजह से चर्चा में आ गए हैं। लोकसभा में तीन तलाक बिल पर चर्चा के दौरान आजम बोलने के लिए खड़े हुए और उन्होंने सदन की अध्यक्षता कर रहीं बीजेपी सांसद रमा देवी पर ही टिप्पणी कर डाली जिसे लेकर सदन में विवाद हो गया। 

 आजम खां और रमा देवी के बीच का विवाद-
             आजम खां ने कहा कि “तू इधर-उधर की न बात कर, ये बता कि काफिला क्यों लुटा?” आजम जब ये बोल रहे थे तो रमा देवी ने कहा “आप भी इधर देखकर बात करिए, उधर मत देखिए।”
इसके बाद आजम खान ने कहा- “मैं तो आपको इतना देखूं कि आप कहें कि मुझसे नजर हटा लो”, इस पर रमा देवी ने कहा, “नजर हटाना नहीं मेरी तरफ नजर करके बात करिए।”                   इसके बाद सदन में हंगामा होने लगा, तो रमा देवी ने कहा कि “ये बोलने का तरीका नहीं है।”           इसके तुरन्त बाद आजम खां बोल पड़े कि  “इसे रिकॉर्ड से निकाला जाए।”
आजम ने कहा कि आप मेरी बहन हैं, मेरी प्यारी बहन हैं।

अखिलेश यादव आजम खान के बगल में ही बैठे थे, अखिलेश यादव ने कहा कि-                                                “आजम खान ने कुछ भी ऐसा नहीं बोला जिससे पीठ की गरिमा को ठेस पहुंची हो। अखिलेश ने सत्तापक्ष की आलोचना की, कहा कि ये किसी को सदन में बोलने नहीं दे रहे हैं।”

 

 



इस पर स्पीकर ओम बिड़ला ने अखिलेश से कहा कि आप अपने शब्दों के लिए माफी मांगे, आपके शब्द असंसदीय हैं। ओम बिड़ला ने कहा कि –
  “यह कह देना बहुत सरल है कि संसद की कार्यवाही से ये निकाल दीजिए, वो निकाल दीजिए, लेकिन ऐसी बातें बोलने की जरूरत ही क्यों पड़ती है, एक बार बोलने के बाद मामला सार्वजनिक हो जाता है। हम सभी को बोलते समय संसद की गरिमा का ख्याल रखना चाहिए।”

 केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आजम खान का विरोध किया और कहा कि यह बेहद आपत्तिजनक है। लोकसभा स्पीकर के लिए आज तक किसी ने इस तरह की टिप्पणी नहीं की होगी, वह भी महिला स्पीकर के लिए। आजम को बिना शर्त माफी मांगनी होगी।

           आजम खान ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि मैंने तो प्यारी बहन कहा था, मैंने किसी के बारे में कुछ गलत नहीं कहा है। आप रिकॉर्ड चेक कर लीजिए, अगर कोई शब्द गलत कहा हो तो अभी सदन से इस्तीफा देने को तैयार हूं. मेरा लंबा संसदीय अनुभव रहा है। ऐसे अपमानित होकर बोलने से कोई फायदा नहीं है। इतना बोलकर आजम खान सदन से बाहर चले गए।
           हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब आजम खान के बयान पर विवाद हो रहा है, लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने जया प्रदा के खिलाफ भी इसी तरह की टिप्पणी की थी।

 

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