नोटों का संकट

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस दिन से 500 और 1000 के नोट बंद के आदेश् दिए हैं, उस दिन से आम जनता को बहुत सी परेशनियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार और रिजर्व बैंक  की मुस्तैदी के बावजूद बैंकों और एटीएम के पास पर्याप्त नकदी नहीं पहुंच पाई है। नोटबंदी के बाद से एटीएम से रूपये निकालने में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार का दावा “नकदी पर्याप्त है”, लेकिन आधे एटीएम बंद है। दूसरी तरफ सरकार ने संकेत दिए हैं कि इस समस्या से ग्राहकों को निजात पाने में 2 से 3 हफ़्तों का समय लग सकता है। ऐसे में आम जनता के बीच हलचल और तेज हो गई है। दिल्ली में एनसीआर और मुंबई के कई बैंकों और एटीएम के बाहर लोगों ने आधी रात से ही लाइनों में लगना शुरू  कर देते  है। ज्यादातर एटीएम में नकदी खत्म होने के कारण भी समस्या बढ़ी है। कुछ एटीएम में नकदी आती है वह भी जल्द ही समाप्त हो जाती है। बैंकों में मारामारी के हालात बने हुए हैं और आम जनता को खाली हाथ जाना पड़ रहा है।दूसरी तरफ नकदी की कमी के कारण  बाजार सुने दिखायी  पड़ रहे हैं। छोटे कारोबारियों पर इसका असर देखने को मिल रहा है। व्यापार में ज्यादातर  लेन-देन कैश् से होता है जिस कारण दिक्कत हो रही है।

 आशीष सिंह चौहान
बी.ए मासकाॅम
                           

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