देहरादून कम्युनिटी लिट्रेचर फैस्टिवल 2017

देहरादून कम्युनिटी लिट्रेचर फैस्टिवल 2017

 5 नवंबर को डीसीएलएफ 2017 के लिए प्रथम नाटकीय मंचन का आयोजन

देहरादून, 3 नवंबर – राजपूर रोड स्थित डब्ल्यूआइसी इंडिया में 5 नवंबर को देहरादून कम्युनिटी लिट्रेचर फैस्टिवल (डीसीएलएफ) 2017 के लिए प्रथम नाटकीय मंचन का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा शमसूर रहमान फारूकी द्वारा रचित ”द मिरर आॅफ ब्यूटी“ पुस्तक की बुक रीडिंग कर उस पर चर्चा की जाएगी। इसकी जानकारी डब्ल्यूआइसी इंडिया की प्रेजीडेंट नाज़िया युसूफ इजुइद्दीन ने दी। शमसूर रहमान फारूकी भारतीय कवि व आधुनिक उर्दू के जाने माने आलोचकों और सिद्धांतकारों में से एक हैं। उन्होंने 1960 से लिखना प्रारंभ किया था, वह साहित्यिक पत्रिका शबखून के संपादक भी हैं, इसके अलावा पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय में साउथ एशिया रिज़नल स्टडीज सेन्टर में पार्ट टाइम प्रोफेसर भी थे। 1966 में उन्हें प्रतिष्ठित सरस्वती सम्मान देकर सम्मानित किया गया है। उर्दू साहित्य में योगदान के लिए ”द मिरर आॅफ ब्यूटी“ अधिक प्रशंसनीय उपन्यास है। इस पुस्तक की कहानी किशनगढ़ के पास एक गांव में एक रहस्यपूर्ण और प्रतिभाशाली चित्रकार के सौन्दर्य की कहानी है। पुस्तक मुगल साम्राज्य के सूर्यास्त पर आधारित है। इस पुस्तक की कहानी एक ईस्ट इंडिया कंपनी के एक अधिकारी की बेटी के आस-पास घूमती है। डब्ल्यूआइसी इंडिया की प्रेजीडेंट नाज़िया युसूफ इजुइद्दीन ने बताया कि, 2016 में आयोजित लिट्रेचर फैस्टिवल में उत्तराखंड सहित दिल्ली व अनेक राज्यों से देशभर के नामचीन साहित्यकार व पुस्तक प्रेमी एक मंच पर एकत्रित हुए थे, जिसमें कई स्कूल, काॅलेज व इंस्टीट्यूट के छात्र-छात्राओं सहित 2500 लोगों से अधिक ने हिस्सा लिया था। डीसीएलएफ 2017 अपने दूसरे संस्करण में दूनवासियों को फिर विभिन्न क्षेत्रों के कवियों व लेखकों द्वारा अलग-अलग सत्रों में विभिन्न विषयों से रूबरू करवाएगा। उन्होंने ”द मिरर आॅफ ब्यूटी“ पुस्तक के विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि, यह पुस्तक उन लोगों के लिए उपहार स्वरूप है, जिनका जीवन प्यार व आदर्श के साथ बीता है। इस पुस्तक के माध्यम से वह अपने जीवन की यादें ताजा कर सकते हैं। आसानी से बातों व भावनाओं को व्यक्त कर दिल तक पहुंचाने का कार्य इस कहानी ने बखूबी किया है।शमसूर ने इस पुस्तक के माध्यम से मरीचिका व सच्चाई को आकर्षक ढ़ंग से जोड़कर प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक किया है। उन्होने बताया कि, कार्यक्रम का संचालन जामिया मिलिया इस्लामिक युनिवर्सिटी नई दिल्ली के अंग्रजी साहित्य के प्रोफेसर डाॅ. बरन फारूकी द्वारा किया जाएगा।

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