शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ की बैठक संपन्न

श्रीनगर, पौड़ी एवं टिहरी तीनों परिसर के “कर्मचारी संघ” की संयुक्त बैठक सम्पन्न


न्यू टिहरी: हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर बादशाहीथौल, टिहरी गढ़वाल में विश्वविद्यालय के तीनो परिसरों श्रीनगर, पौड़ी एवं टिहरी के शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में तीनों परिसरों के कर्मचारी संघ को मिलाकर एक महासंघ के गठन पर भी चर्चा की गई। महासंघ के माध्यम से तीनों परिसरों के कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान किया जायेगा। विश्वविद्यालय के तीनों परिसरों के शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों की बैठक में कर्मचारियों की वर्षों से चली आ रही समस्याओं पदोन्नति, मृतक आश्रितों को योग्यतानुसार नियुक्ति, पदों के ढांचे का पुर्नगठन (रेशनलाईजेशन), चिकित्सा प्रतिपूर्ति का भुगतान, सी.आर.आर नियम लागू करना, चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को वर्दी देने, टिहरी एवं पौड़ी परिसर में उप कुलसचिव की नियुक्ति, हेल्थ कार्ड बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में श्रीनगर परिसर के कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र भण्डारी ने कहा कि, कर्मचारियों की समस्याऐं वर्षों से चली आ रही है किन्तु विश्वविद्यालय की हटधर्मिता के चलते इन समस्याओं का समाधान आज भी नहीं हो पाया है और अब कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान होना ही चाहिए, चाहे इसके लिए आन्दोलन ही क्यों ना करना पड़े। वहीँ श्रीनगर परिसर के कर्मचारी संघ के सचिव सुनील रावत ने कहा है कि, विश्वविद्यालय के अधिकारी कर्मचारियों के साथ दोहरा मापदण्ड अपनाते हैं। जब अधिकारी हितों की बात होती है तो सब नियमों को नजर अदंाज कर अधिकारियों को लाभान्वित किया जाता है और जब कर्मचारी हितों की बात होती है तो नियमों की दुहाई देकर फाइलों को रोक दिया जाता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में इस तरह की कार्य प्रणाली को स्वीकार नहीं किया जायेगा और ऐसे ही चलता रहा तो कर्मचारियों को मजबूरन आन्दोलन के लिए विवश होना पड़ेगा।
टिहरी परिसर के अध्यक्ष हरेन्द्र भण्डारी ने कहा कि, कर्मचारियों द्वारा समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार विश्वविद्यालय प्रशासन से अनुरोध किया जा चुका है किन्तु विश्वविद्यालय के ढुलमुल रवैये से समस्याओं आज भी जस की तस बनी हुई है विश्वविद्यालय के इस रवैये से कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है और अब समय आ गया है कि हम सब इसके लिए एकजुट हों।
टिहरी परिसर के सचिव डाॅ. दिनेश नेगी ने कहा कि, कर्मचारियों की समस्याओं के प्रति विश्वविद्यालय के अधिकारियों का उदासीन रहना चिन्ता का विषय है। कर्मचारी पूर्ण मनोयोग से कार्य करते हैं और ऐसे में कर्मचारियों की समस्या के समाधान न होने से कर्मचारी हतोत्साहित होते हैं, जिससे उनकी कार्यक्षमता भी प्रभावित होती है।
पौड़ी परिसर के अध्यक्ष सोवन सिंह नेगी एवं सचिव पी.के.चमोली ने कहा कि, हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय बने 08 वर्षों का समय हो चुका है किन्तु केन्द्रीय विश्वविद्यालय का लाभ आज भी कर्मचारियों को नहीं दिया जा रहा है। जबकि राज्य सरकार के कर्मचारियों को भी उच्च वेतनमान मिल रहा है।
बैठक में हंसराज बिष्ट, हीरालाल गैरोला, राकेश कोठारी, रमेश रतूड़ी, बुद्धि सिंह राणा, कुलदीप रावत, प्रदीप बिष्ट, धर्मपाल सिंह, महावीर सिंह धनाई, राजेन्द्र कठैत, राजेन्द्र सजवाण, धर्म सिंह पंवार, रामेश्वर रतूड़ी, गोपेश्वर सेमेल्टी, उषा नेगी, यशोदा नेगी, कृपाराम जोशी, देवी प्रसाद थपलियाल, कमलेश्वर चमोली, सुनील बिष्ट, राकेश रमोला, सचिदानन्द उनियाल, कुलदीप भट्ट, अनुप थपलियाल, आनन्द मियां, शीषपाल, प्यारे लाल, मोहन सिंह, मनोज कुमार, महेन्द्र विद्यार्थी, रमेश चैहान, देवेन्द्र सिंह, जयेन्द्री देवी, शैलेन्द्री चमोली, सावित्री भट्ट, अजय कठैत, सुरेश, आशा, कविता, मनीषा आदि उपस्थित थे।

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