क्या है जीएसटी, एक्सपर्ट ने गिनाए लाभ

क्या है जीएसटी, एक्सपर्ट ने गिनाए लाभ

रुद्रपुर। वाणिज्य कर विभाग ने महानगर के और ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत कारपोरेट, औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों, वकीलों और व्यापारियों को जीएसटी क्या है यह बताने के लिए बुधवार को कार्यशाला का आयोजन सोनिया होटल में किया। जिसमें देहरादून से आए विभाग के एक्सपर्ट और स्थानीय अधिकारियों ने जीएसटी की बारीकियां बताई। पेट्रोलियम पदार्थ और शराब को पिफलहाल जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है।
देहरादून से आए वाणिज्य कर विभाग के उपायुक्त एसएस तिरखा, डा.सुनीता पांडेय, रुद्रपुर के संयुक्त आयुक्त राकेश टंडन व हरीश चंद्र भट्टð ने कार्यशाला में बताया कि जीएसटी के लागू होते ही केंद्र द्वारा लागू एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स सब खत्म हो जाएंगे। राज्यों को मिलने वाला वैट, मनोरंजन कर, लक्जरी टैक्स, लाॅटरी टैक्स, एंट्री टैक्स, चुंगी वगैरह समाप्त हो जाएगी। हालांकि पेट्रोल, डीजल, केरोसीन, रसोई गैस पर अलग अलग राज्यों में जो टैक्स लगते हैं, वे फिलहाल जारी रहेंगे।
कार्यशाला में जीएसटी से आम आदमी को होने वाले फायदे भी बताए गए। उन्होंने बताया कि जीएसटी लागू होने पर सबसे ज्यादा फायदा आम आदमी को है। क्योंकि तब चीजें पूरे देश में एक ही रेट पर मिलेंगी। रोजमर्रा इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुएं जैसे कि मोबाइल हैंडसेट, कार, सिगरेट, आदि गुड्स में जीएसटी गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स लागू होने के बाद इनके दामों में बड़ा बदलाव हो सकता है और पूरे देश में एक समान दरें लागू होंगी। जीएसटी के लागू होने के बाद टैक्स चोरी पर लगाम लगेगी। जिसका सीधा असर देश की जीडीपी पर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि इस समय देश में 20 तरह के टैक्स लगते हैं और जीएसटी आने के बाद सब टैक्स हटकर एक टैक्स लागू होगा। देश की आम जनता जो अभी तक सामान खरीदते समय 30 35 प्रतिशत टैक्स के रूप में देती है वह जीएसटी लागू होने के बाद घटकर 20 25 फीसदी रहने की उम्मीद है।
उपायुक्त एसएस तिरखा, डा.सुनीता पांडेय ने बताया कि जीएसटी लागू होने पर कंपनियों का झंझट और खर्च भी कम होगा। व्यापारियों को सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी। अलग अलग टैक्स नहीं चुकाना पड़ेगा। इससे किसी भी उत्पाद की लागत घटेगी और सामान सस्ता हो सकेगा। उनका कहना है कि फिलहाल देश में गुड्स और सर्विसेज टैक्स की दरें अलग अलग हैं जैसे सर्विस टैक्स 15 फीसदी है और गुड्स यानी वस्तुओं के लिए अलग राज्य में अलग दरें लागू होती हैं जो जीएसटी आने के बाद एक जैसी हो जाएगी। जीएसटी लागू होने से कंपनियों का खर्चा और लागत कम होगी, क्योंकि सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी। कंपनियों को अलग अलग टैक्स नहीं चुकाने पड़ेगे। जिसस उत्पादन लागत में गिरावत आना तय है। उन्होंने बताया कि जीएसटी के बाद टैक्स ढांचा एक समान होगा और पूरी तरह पारदर्शी होगा जिससे टैक्स विवाद नहीं होंगे और ढेरों टैक्स कानून और टैक्स नियामकों रेगुलेटरों का झंझट नहीं रहेगा। इससे एक ही संस्था, कंपनी, व्यक्ति पर कई बार टैक्स लगाने की समस्या खत्म हो जाएगी। इससे आम आदमी, कारोबारियों और सरकारों की जिंदगी बेहद आसान हो जाएगी।

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