डाॅक्टर बी.के.एस. संजय हैल्थ केयर एक्सीलेंस अवार्ड 2016 से सम्मानित

 

डाॅक्टर बी.के.एस. संजय हैल्थ केयर एक्सीलेंस अवार्ड 2016 से सम्मानित 

देहरादून। जाने-माने आॅर्थोपीडिक एवं स्पाइन सर्जन डाॅक्टर बी.के.एस. संजय ने कहा है कि स्वास्थ्य, शिक्षा, भोजन यह तीनों ही किसी भी व्यक्ति, समाज एवं देश के विकास के लिए मूलभूत आवश्यकताऐं हंै। उनका कहना है कि विकास की मूलभूत आवश्यक तिकड़ी स्वास्थ्य, शिक्षा, भोजन की आज अनदेखी की जा रही है, इसमें सुधार किये जाने की जरूरत है।
यहां परेड ग्राउंड स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से रूबरू होते हुए जाने-माने आॅर्थोपीडिक एवं स्पाइन सर्जन डाॅक्टर बी.के.एस. संजय ने कहा है कि उन्हें नेशनल हैल्थ केयर एक्सीलेंस अवार्ड 2016 से नई दिल्ली में सम्मानित किया गया है। उत्तराखण्ड में संजय आॅर्थोपीड़िक, स्पाइन एवं मैटरनिटी सेन्टर जाखन के आॅर्थोपीडिक एवं स्पाइन सर्जन के नाते उन्होंने उत्तराखण्ड प्रदेश का नाम एक बार फिर पूरे राष्ट्र में गौरवान्वित किया। दिल्ली में नेशनल हैल्थ केयर एक्सीलेंस अवार्ड 2016 सामारोह के दौरान डाॅ0 संजय को बेस्ट आॅर्थोपीडिक सर्जन इन इंडिया अवार्ड से सम्मानित किया गया। उनका कहना है कि यह सम्मान राज्यसभा संासद अमर सिंह और पूर्व क्रिकेटर मदन लाल द्वारा उनको निःस्वार्थ चिकित्सा एवं समाज सेवा के उत्कृृृष्ट कार्यो के लिए प्रदान किया गया। उनका कहना है कि अन्य अतिथि पद्मश्री डाॅ0 जितेन्द्र कुमार सिंह-नेशनल वाईज प्रजिडेन्ट, इंडियन मेडिकल एसोसेशियन, डाॅ. अजय कुमार- काउन्सल मेमबर, वल्र्ड मेडिकल ऐसोसेशियन, शाईना एनसी-सीनियर पोलिटिकल एंड नेशनल स्पोकरसप्रसन, बी.जे.पी., और बिग्रेडियर डाॅ0 अनिल कोहली पूर्व अध्यक्ष डेन्टिल काउन्सिल आॅफ इंडिया आदि मौजूद थे।
डाॅ. संजय ने कहा कि वह देश के पहले और अब तक के अकेले आर्थोपीडिक सर्जन हैं जिनका नाम गिनीज वल्र्ड रिकार्ड में सम्मलित हो चुका है। जिन्होंने दुनिया के सबसे अधिक भारी ट्यूमर वाले व्यक्ति का शल्य चिकित्सा द्वारा सफलतापूर्वक करके विश्व रिकार्ड बनाया था। डाॅ0 संजय द्वारा लिम्का बुक आॅफ रिकार्ड में सन् 2002, 2003, 2004, 2009 में कई अनोखे शल्य चिकित्सा के रिकार्ड दर्ज किये गये है। डाॅ. संजय द्वारा एक सेवा एन.जी.ओ. भी चलाई जा रही है। जिसका मूल उद्देश्य प्रदेश के लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। इसके तहत उन्होंने 15 से भी अधिक स्वास्थ्य जन-जागरूकता व्याख्यान दिये है। इनकी स्वयंसेवी संस्था द्वारा लगभग 185 से भी अधिक निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श शिविरों का आयोजन उत्तराखंड व पड़ोसी राज्यों में किया जा चुका है। जिससे कि हजारों लोगों ने इसका स्वास्थ्य लाभ उठाया है।
डाॅ. संजय ने अपने इस पुरस्कार के लिए उत्तराखंड के प्रदेश वासियों का धन्यवाद देते हुए कहा कि वह भविष्य में भी अपनी स्वास्थ्य सेवाऐं उŸाराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों में देने का प्रयास करेंगे। डाॅ0 संजय द्वारा बी.पी.एल. कार्ड धारकों के लिए प्रत्येक माह के दूसरे शनिवार को निःशुल्क परामर्श व चिकित्सा मुहिया करायी जाती है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाऐं समाज में एक महामारी का रूप ले रही है। इनका मानना है कि सड़क दुर्घटनायें रोकी जा सकती है अगर व्यक्ति यातायात के नियमों का सही ढं़ग से पालन करें। इसी के तहत उन्होंने सड़क दुर्घटना से बचने के लिए युवाओं के लिए एक मुहिम छेड़ी है। इस महामारी से बचने के लिए युवाओं को जागरूक करना होगा
डाॅ0 संजय के अनुसार किसी भी प्रतियोगिता में लगभग हरेक खिलाड़ी एक ही स्तर के होने चाहिए न ंिक एक पूर्णतः स्वस्थ तथा दूसरा विकलांग, विकलांगता कैसी भी हो सकती है जैस शारीरिक, सामाजिक, आर्थिक,अपने देश में सड़क दुर्घटनाओं ने एक महामारी का रूप ले लिया है। जिसमें लगभग 1.5 लाख व्यक्ति हर साल मौत के घाट उतरते है और इनकी संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है, यदि व्यक्ति इस दुर्घटनाओं से बच जाते है तो लगभग उनमें से एक-चैथाई व्यक्ति हमेशा के लिए विकलांग हो जाते है। इन व्यक्तियों को अपने जीवन व्यापन करने के लिए समाज के पूर्ण स्वस्थ व्यक्तियों से प्रतियोगिता करनी पड़़ती है जो कि मेेरे हिसाब से बिल्कुल गलत है। अपने देश में सड़क दुर्घटनाऐं विकलांगता का एक मुख्य कारण है।
उनका कहना है कि इसी प्रतियोगिता को न्यायसंगत बनाने के लिए उन्होंने विकलांगता को अपने स्तर से कम करने की एक मुहिम छेड़ रखी है। जिसके तहत पहले तो सड़क दुर्घटनाएं कम से कम होने के उपाय ढूंढने चाहिए जिससे व्यक्ति के विकलांग होने की संभावना कम हो जाये और यदि व्यक्ति विकलांग हो जाये तो उसको उस विकलांगता से जल्दी से जल्दी मुक्ति मिल सकें।
डाक्टर संजय ने बताया कि उनके अस्पताल द्वारा एक मासिक स्वास्थ्य पत्रिका हैल्थ-पोस्ट प्रकाशित किया जाता है जिसे ग्रामीण क्षेत्रें में निःशुल्क वितरित किया जाता है। डाॅ0 संजय द्वारा देहरादून स्थित चैरा गाॅव में एक चैरिटैबल परामर्श क्लीनिक भी चलाई जा रही है जिसका मुख्य उद्देश्य गरीब एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाऐं उपलब्धा कराना है। डाॅ0 संजय ने 30 से भी अधिक देशों में 100 से भी ज्यादा शोध कायों का अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में व्याख्यान दिये है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *