बाप ने लगाई बेटे को फांसी और माँ ने की आत्महत्या…

          बेंगलुरु:  एक हताश पिता और फांसी पर लटका उसका बेटा, और इस घटना का वीडियो वायरल हुआ तो पता लगा की खुद बाप ही बेटे को सीलिंग फैन से लटका रहा है। ऐसी क्या मजबूरी थी जो एक बाप अपने ही बेटे को फांसी पर चढाने लग गया । 

क्या है पूरी कहानी?

48 साल के सुरेश बाबू एक कंपनी में सेल्स का काम करते थे। बेंगलुरु में सुरेश अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते थे। 12 साल का बेटा और 17 साल की बेटी। सुरेश बाबू की पत्नी गीता बाई कुछ घरों में खाना बनाने का काम करती थीं। बेंगलुरु पुलिस ने सुरेश बाबू को उनकी पत्नी और बेटे की हत्या के आरोप में गिरफ़्तार किया है।

पुलिस का क्या कहना है-

बेंगलुरु पुलिस ने जो कहा उसके अनुसार सुरेश बाबू और गीता बाई दोनों काम करते थे। सुरेश एक निजी कंपनी में सेल्स का काम करता था और गीता खाना बनाने का। साथ ही दोनों एक प्राइवेट चिट फंड भी चलाते थे, और इसी में कुछ दिक्कत हुई। 1 जून को कुछ लोग सुरेश के घर आए थे और अपना पैसा मांग रहे थे। बताया जा रहा है कि सुरेश बाबू के ऊपर लगभग 5 लाख रूपए का उधार हो गया था, जिसे वो चुका पाने में नाकाम था, इसीलिए सुरेश बाबू ने पूरे परिवार के साथ आत्महत्या का प्लान बनाया।

लेकिन प्लान तो अधूरा रह गया- 

सुरेश ने प्लान तो पूरे परिवार की आत्महत्या का बनाया लेकिन साथ में दो बच्चे भी थे। कोई 12 साल का बालक तो क्योंकर फांसी पर लटकेगा, इसलिए पिता ने पहले तकिये से उसका मुंह दबाकर बेदम किया। फिर सीलिंग फैन से लटका दिया। वायरल वीडियो में इस दौरान बेटी और पत्नी गीता चीखती चिल्लाती सुनाई दे रही हैं। बेटी बार-बार कह रही है कि ‘बाबा प्लीज़ उसे मत मारो’। लेकिन सुरेश बाबू को अभी बेटी को भी ऐसे ही फांसी पर लटकाना था। फिर पत्नी और आख़िर में ख़ुद सुरेश आत्महत्या करता, यही प्लान था। जो पूरा नहीं हुआ। पत्नी ने बेटे की लाश देखने के बाद अपना सिर दीवार से मार मार कर जान दे दी, और बच गई 17 साल की बेटी और पिता सुरेश। जैसे ही सुरेश ने बेटी को तय प्लान के मुताबिक़ फांसी लगाने की कोशिश की, बेटी जोर-जोर से चीखने लगी। इससे आस पड़ोस वालों की नींद खुल गई, और उन्होंने आकर दरवाज़ा खुलवाया।

जानिये विडियो वायरल होने का कारण-

हुआ ये कि जब मोहल्ले के लोग आए तो सुरेश ने कहा कि उसकी पत्नी ने बेटे के साथ आत्महत्या कर ली। लोगों ने मान भी लिया। सुरेश ने रात में ही पत्नी और बेटे के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे सुरेश से बात करने लोकल मीडिया आई। मीडिया के लोग भी तब तक इस घटना को आत्महत्या मानकर ही चल रही थी। लेकिन एक पत्रकार ने जब सुरेश से गीता बाई और बेटे की तस्वीर मांगी तो सुरेश ने उसे अपना फोन दे दिया। लेकिन सुरेश बाबू को पता ही नहीं था कि ये सारी घटना बेटी ने सुरेश बाबू के फोन में रिकॉर्ड कर रखी थी। जब पत्रकार को ये वीडियो मिला तो उसने तत्काल पुलिस को फोन किया जिससे सुरेश की गिरफ़्तारी हुई।

बहरहाल सुरेश अपनी बेटी के साथ अब भी ज़िंदा है और बेटी से अलग जेल में है। एक पूरा परिवार तबाह हो गया। हताशा से हार मानकर सुरेश ने अगर सही फ़ैसला लिया होता तो आज शायद ऐसा नहीं होता। लेकिन एक पिता के लिए पूरे परिवार के साथ आत्महत्या करने का फैसला लेना ही सोचने वाली बात है।

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