आयोग ने 15वां वार्षिक प्रतिवेदन राज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत किया

आयोग ने 15वां वार्षिक प्रतिवेदन राज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत किया

 

देहरादून, राज्यपाल डॉ. कृष्ण कांत पाल के कहा कि जन सामान्य में उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग में आयोग की विश्वसनीयता को बनाये रखने के लिए आयोग की कार्यप्रणाली में निष्पक्षता एवं पारदर्शिता बनाये रखने के हर सम्भव प्रयास होने चाहिए। राज्यपाल ने यह सुझाव उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डा. डी.पी. जोशी द्वारा आज राजभवन में राज्यपाल के समक्ष वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किये जाने के दौरान दिया।

                राज्यपाल को सौंपे गये इस वार्षिक प्रतिवेदन में 1 अप्रैल 2015-31 मार्च 2016 तक की अवधि में आयोग द्वारा संचालित सभी क्रियाकलापों व आय-व्यय सम्बंधी सभी जानकारियाँ सम्मिलित किये जाने के साथ ही  उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग की कार्य प्रक्रिया पर कतिपय वादों में उच्च न्यायलय/उच्चतम न्यायालय के महत्वपूर्ण निर्णय भीे शामिल किये गये है। इस अवसर पर राज्यपाल द्वारा आयोग की पत्रिका मेधा का विमोचन भी किया गया। वार्षिक प्रतिवेदन के प्रस्तुतिकरण के दौरान आयोग के अध्यक्ष डा. डी.पी. जोशी के साथ आयोग के चार सदस्य सुमेर चन्द रवि, संजय शर्मा, एन.एस. विष्ट व जयदेव सिंह तथा आयोग के संयुक्त सचिव गिरधारी सिंह रावत मौजूद रहे। आयोग की वरिष्ठ सदस्य डा. छाया शुक्ला अस्वस्थता के कारण उपस्थित नहीं हो सकी।

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